Edited By Prachi Sharma,Updated: 26 Feb, 2026 07:33 AM

जालंधर (धवन): प्रख्यात ज्योतिषी पं अशोक प्रेमी बांसरीवाला ने ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वर्तमान में चुनौतीपूर्ण ग्रह दशा से गुजर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें राजनीतिक विरोध, आरोप-प्रत्यारोप और षड्यंत्र जैसी...
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जालंधर (धवन): प्रख्यात ज्योतिषी पं अशोक प्रेमी बांसरीवाला ने ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वर्तमान में चुनौतीपूर्ण ग्रह दशा से गुजर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें राजनीतिक विरोध, आरोप-प्रत्यारोप और षड्यंत्र जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें शनि की साढ़ेसाती का प्रथम चरण चल रहा है। राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार राहू बनाता है और बाद में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलती है।
अशोक प्रेमी के अनुसार वर्तमान समय में शनि और राहु का प्रभाव प्रमुख रूप से सक्रिय है। यह स्थिति सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के लिए विवाद, मानसिक दबाव, कानूनी जटिलता तथा छवि पर प्रहार के संकेत देती है। विशेषकर जब राहू राजनीतिक भाव या दशम भाव को प्रभावित करता है तब व्यक्ति को सत्तापक्ष या प्रशासनिक तंत्र से टकराव की स्थिति बन सकती है।
उन्होंने बताया कि गुरु की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रहने से सहयोगियों का पूर्ण समर्थन नहीं मिल पाता और विरोधी पक्ष सक्रिय हो जाता है। हालांकि कुंडली में सूर्य और गुरु की आगामी अनुकूल स्थिति संकेत दे रही है कि यह संघर्षकाल स्थायी नहीं है। आने वाले समय में मान-सम्मान की पुन: स्थापना और सत्य की विजय के योग प्रबल हैं।
अशोक प्रेमी ने कहा कि यह समय धैर्य, साधना और संयम का है। धार्मिक अनुष्ठान, गुरु उपासना और दान-पुण्य से नकारात्मक प्रभावों में कमी आएगी। ग्रहों के आगामी शुभ परिवर्तन से परिस्थितियां संतुलित होंगी और प्रतिष्ठा में पुन: वृद्धि होगी।
वर्तमान चुनौतीपूर्ण काल शीघ्र समाप्त होगा और शंकराचार्य की आध्यात्मिक एवं सामाजिक भूमिका पहले से अधिक सुदृढ़ होकर सामने आएगी। उन्हें मेष और वृश्चिक राशि के जातकों से सतर्क रहना होगा। कुंभ राशि वाले व्यक्ति उन्हें लाभ पहुंचाएंगे। वैसे आने वाले समय में उनके खिलाफ षड्यंत्र करने वालों के चेहरे बेनकाब होंगे।