Edited By Niyati Bhandari,Updated: 27 Oct, 2026 02:40 PM

Vakratunda Sankashti Chaturthi 2026 Date: भगवान श्री गणेश को समर्पित संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन दिन विघ्नहर्ता गणपति बप्पा की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के सभी...
Vakratunda Sankashti Chaturthi 2026 Date: भगवान श्री गणेश को समर्पित संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन दिन विघ्नहर्ता गणपति बप्पा की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के सभी दुख-कष्ट दूर होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। अक्टूबर के महीने में वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी का पवित्र व्रत रखा जाएगा। यदि आप भी इस व्रत को रखने जा रहे हैं, तो आइए जानते हैं इसकी सही तिथि, गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त, अर्घ्य के लिए चंद्रोदय का समय और आसान पूजन विधि।

वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर 2026 को सुबह 01:06 बजे प्रारंभ होगी। इस तिथि का समापन उसी दिन यानी 29 अक्टूबर 2026 को रात 10:09 बजे होगा। उदया तिथि के नियम अनुसार, वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी का व्रत गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। इस दिन श्रद्धालु विघ्नहर्ता से जीवन की परेशानियों को दूर करने और घर में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं।
भगवान गणेश की पूजा का शुभ मुहूर्त
वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा के लिए शाम का समय अत्यंत फलदायी माना गया है। इस शुभ समय में बप्पा को दूर्वा, फूल और मोदक या लड्डू अर्पित करके पूरे परिवार की मंगल कामना के लिए पूजा-अर्चना करें।
संध्या पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 05:38 बजे से लेकर 06:58 बजे तक रहेगा।

चंद्रोदय चांद निकलने का समय
संकष्टी चतुर्थी व्रत में चंद्रमा के दर्शन करने और उन्हें अर्घ्य देने का विशेष धार्मिक महत्व है।
चंद्रोदय का अनुमानित समय: 29 अक्टूबर की रात करीब 08:17 बजे चंद्रोदय होने की संभावना है। अलग-अलग शहरों और भौगोलिक स्थितियों के अनुसार चंद्रमा निकलने के समय में आंशिक अंतर हो सकता है। चंद्र दर्शन के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण किया जाता है।
वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि: घर की पूर्व दिशा में पूर्वमुखी होकर लाल कपड़े पर गणेश जी का चित्र स्थापित कर षोडशोपचार पूजन करें। गौघृत में सिंदूर मिलाकर दीपक करें, गुगल से धूप करें, गैंदे का फूल चढ़ाएं, सिंदूर चढ़ाएं, गुड़ का भोग लगाएं, लाल चंदन की माला से इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें। पूजन के बाद भोग किसी ब्राह्मण को दान करें।
उपाय
विघ्न विनाश के लिए गणपती पर 11 दूर्वा चढ़ाएं।
सुख प्राप्ति हेतु गणपती पर 11 लड्डू चढ़ाकर ब्राह्मण को दान करें।
कर्जों से मुक्ति के लिए गणपती पर 4 बिल्व गिरि चढ़ाकर तिजोरी में स्थापित करें।
श्री गणेश के पेट पर 11 दूर्वा पत्तियां चिपकाने से धन संबंधी सारे मामले सुलझ जाते हैं और घर में आय आने के नए रास्ते खुल जाते हैं।
श्री गणेश को 4 मोदक या लड्डू का भोग लगाना चाहिए। इन चारों में से 2 उनके पास रख दें। तीसरा किसी बच्चे को दें और चौथा स्वयं खा लें। ये उपाय करने से धन प्राप्ति के योग बनते हैं।
मनोवांछित फल पाने के लिए गणेश जी को हल्दी मिला सिंदूर उनके चरणों में चढ़ाएं।
