Papankusha Ekadashi Paran 2026 : 23 अक्टूबर को पंचक के बीच कब करें व्रत का पारण? जानें तिथि, मुहूर्त और जरूरी सावधानियां

Edited By Updated: 22 Oct, 2026 03:31 PM

papankusha ekadashi paran 2026

सनातन धर्म में पापांकुशा एकादशी का बहुत खास महत्व है। यह व्रत जगत के पालनहार विष्णु जी को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से और विधि-विधान के साथ विष्णु जी की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और व्यक्ति को अपने...

Papankusha Ekadashi Paran 2026 : सनातन धर्म में पापांकुशा एकादशी का बहुत खास महत्व है। यह व्रत जगत के पालनहार विष्णु जी को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से और विधि-विधान के साथ विष्णु जी की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और व्यक्ति को अपने  पापों से मुक्ति  पाने का अवसर प्राप्त होता है। एकादशी व्रत में पूजा-पाठ के साथ-साथ व्रत का पारण भी महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 2026 में पापांकुशा एकादशी के पारण के समय पंचक को लेकर श्रद्धालुओं के मन में कई सवाल हो सकते हैं। ऐसे में व्रत रखने वाले लोगों के लिए पारण का समय, सही विधि और जरूरी नियम जानना उपयोगी है।

Papankusha Ekadashi Paran 2026

पापांकुशा एकादशी 2026 कब है?

पापांकुशा एकादशी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में आती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है। अक्टूबर में पंचक बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को सुबह 7:00 बजे से शुरू होकर रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को शाम 7 बजकर 22 मिनट तक समाप्त होगा। पापांकुशा एकादशी का व्रत पारण 23 अक्टूबर को है और इस दौरान पंचक भी रहने वाला है।

पापांकुशा एकादशी व्रत पारण टाइम

पारण का समय : सुबह 06 बजकर 27 मिनट से सुबह 08 बजकर 42 मिनट तक।

द्वादशी तिथि समाप्त : 23 अक्टूबर को दोपहर 02 बजकर 35 मिनट तक।

Papankusha Ekadashi Paran 2026

पंचक के बीच व्रत का पारण कैसे करें?
पंचक को ज्योतिषीय गणना में विशेष अवधि माना जाता है। इस दौरान कुछ धार्मिक कार्यों को लेकर अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं। हालांकि, एकादशी व्रत का पारण करते समय द्वादशी तिथि और पारण के निर्धारित समय को प्राथमिकता दी जाती है। यदि पारण के दिन पंचक हो, तो घबराने के बजाय अपने स्थानीय पंचांग में दिए गए समय का पालन करें। किसी विशेष परिस्थिति में अपने परिवार की परंपरा या जानकार पंडित से सलाह ली जा सकती है।

पापांकुशा एकादशी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना करने से आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है। यह दिन आत्मचिंतन, संयम, दान और भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। भक्त इस अवसर पर श्रीहरि से अपने जीवन में शांति, सद्बुद्धि और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं।

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