Edited By Sarita Thapa,Updated: 15 Oct, 2026 12:36 PM

सनातन धर्म में मां सरस्वती को ज्ञान, विद्या, बुद्धि, वाणी और कला की देवी माना जाता है। उनकी आराधना के लिए सरस्वती आवाहन का विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्रि के दौरान मनाए जाने वाले इस पर्व में भक्त मां शारदा का आह्वान कर उनसे ज्ञान, विवेक और जीवन में...
Saraswati Avahan 2026 Date : सनातन धर्म में मां सरस्वती को ज्ञान, विद्या, बुद्धि, वाणी और कला की देवी माना जाता है। उनकी आराधना के लिए सरस्वती आवाहन का विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्रि के दौरान मनाए जाने वाले इस पर्व में भक्त मां शारदा का आह्वान कर उनसे ज्ञान, विवेक और जीवन में सफलता का आशीर्वाद मांगते हैं। खासतौर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों, लेखकों और संगीत से जुड़े लोगों के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। तो आइए जानते हैं वर्ष 2026 में यह पर्व कब मनाया जाएगा और इसका धार्मिक महत्व क्या है।
कब है सरस्वती आवाहन 2026?
पंचमी तिथि की शुरुआत 15 अक्टूबर की रात 1 बजकर 13 मिनट पर होगी और इसका समापन 16 अक्टूबर की सुबह 3 बजकर 25 मिनट पर होगा। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 28 मिनट से सूर्यास्त शाम 5 बजकर 56 मिनट पर होगा। वहीं, चंद्रमा सुबह 11 बजकर 24 मिनट उगेगा और रात 10 बजकर 01 मिनट पर अस्त होगा।

सरस्वती आवाहन धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सरस्वती ज्ञान और विवेक की अधिष्ठात्री देवी हैं। सरस्वती आवाहन के दिन उनका आह्वान कर भक्त जीवन में अज्ञानता दूर करने और सही मार्ग पर चलने की प्रार्थना करते हैं। इस अवसर पर पुस्तकों, लेखन सामग्री, वाद्य यंत्रों और शिक्षा से जुड़ी वस्तुओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। कई स्थानों पर इन वस्तुओं को पूजा स्थल पर रखकर मां सरस्वती की आराधना की जाती है। यह परंपरा ज्ञान, शिक्षा और कला के महत्व को दर्शाती है। विद्यार्थियों के लिए यह दिन पढ़ाई में एकाग्रता और बेहतर समझ की कामना करने का अवसर है। वहीं, कलाकार और संगीत साधक अपनी कला में निपुणता प्राप्त करने के लिए मां शारदा से आशीर्वाद मांगते हैं।

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