Edited By Sarita Thapa,Updated: 26 Mar, 2026 02:42 PM

वास्तु शास्त्र के प्राचीन पन्नों में दर्ज है कि सूर्यास्त के समय हमारे घर का वातावरण एक चुंबकीय ऊर्जा क्षेत्र बन जाता है। इस नाजुक समय में हमारी एक छोटी सी भूल, एक गलत आदत या अनजाने में किया गया एक काम, घर में आने वाली खुशहाली के रास्ते में दीवार बन...
Vastu Shastra Tips : वास्तु शास्त्र के प्राचीन पन्नों में दर्ज है कि सूर्यास्त के समय हमारे घर का वातावरण एक चुंबकीय ऊर्जा क्षेत्र बन जाता है। इस नाजुक समय में हमारी एक छोटी सी भूल, एक गलत आदत या अनजाने में किया गया एक काम, घर में आने वाली खुशहाली के रास्ते में दीवार बन सकता है। अगर आप भी महसूस करते हैं कि कड़ी मेहनत के बाद भी पैसा हाथ में नहीं टिकता या घर में बेवजह तनाव रहता है, तो रुकिए! कहीं आप सूर्यास्त के बाद वे 5 वर्जित काम तो नहीं कर रहे। तो आइए जानते हैं वे कौन से काम हैं जो आपकी किस्मत पर 'ताला' लगा सकते हैं और मां लक्ष्मी को आपसे दूर कर सकते हैं।
झाड़ू लगाना और साफ-सफाई
शास्त्रों के अनुसार, सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू लगाना बेहद अशुभ माना जाता है। झाड़ू को लक्ष्मी का रूप माना जाता है और शाम के समय घर की गंदगी बाहर निकालने का अर्थ है। घर की लक्ष्मी को बाहर भेजना। यदि किसी कारणवश झाड़ू लगाना बहुत जरूरी हो, तो कूड़े को घर के अंदर ही एक कोने में इकट्ठा कर दें और उसे अगले दिन सूर्योदय के बाद ही बाहर फेंकें।
रुपयों का लेन-देन
शाम के समय किसी को धन उधार देने से बचना चाहिए। वास्तु शास्त्र कहता है कि सूर्यास्त के बाद जब आप किसी को पैसे देते हैं, तो आप अपनी 'संपन्नता' दूसरे को सौंप रहे होते हैं। इससे धन की आवक रुक जाती है और संचित धन में कमी आने लगती है। विशेषकर पड़ोसियों को शाम के समय उधार देने से घर की बरकत चली जाती है।

दही, दूध या नमक का दान
सूर्यास्त के बाद सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, चूना या नमक का दान वर्जित है। सफेद वस्तुओं का संबंध शुक्र और चंद्रमा से होता है, जो सुख और शांति के कारक हैं। शाम को इन चीजों का दान करने से घर की सुख-शांति प्रभावित हो सकती है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
तुलसी के पौधे को छूना या जल देना
तुलसी का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। लेकिन सूर्यास्त के बाद न तो तुलसी के पत्ते तोड़ने चाहिए और न ही उसमें जल अर्पित करना चाहिए। माना जाता है कि शाम के समय तुलसी माता विश्राम करती हैं। इस समय उन्हें छूने से वे रुष्ट हो सकती हैं, जिससे घर में वास्तु दोष उत्पन्न होता है। शाम को केवल तुलसी के पास दीपक जलाना ही शुभ होता है।
मुख्य द्वार पर अंधेरा रखना या बैठना
घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहाँ से लक्ष्मी जी का आगमन होता है। सूर्यास्त के समय घर की चौखट पर बैठना या वहां अंधेरा रखना दरिद्रता को आमंत्रण देना है। शाम होते ही मुख्य द्वार और घर के मंदिर में दीपक या लाइट जला देनी चाहिए। चौखट पर बैठने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है और घर में क्लेश की स्थिति बनती है।

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