Edited By Prachi Sharma,Updated: 27 Mar, 2026 02:47 PM

Vastu Tips for Kitchen : वास्तु शास्त्र में किचन को घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसे घर का ऊर्जा केंद्र कहा जाता है क्योंकि यहीं से पूरे परिवार का स्वास्थ्य और सौभाग्य जुड़ा होता है। रसोई में अग्नि और जल दो विपरीत तत्वों का मिलन होता...
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Vastu Tips for Kitchen : वास्तु शास्त्र में किचन को घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसे घर का ऊर्जा केंद्र कहा जाता है क्योंकि यहीं से पूरे परिवार का स्वास्थ्य और सौभाग्य जुड़ा होता है। रसोई में अग्नि और जल दो विपरीत तत्वों का मिलन होता है। यदि इनका तालमेल सही हो, तो घर में सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी का वास होता है। विशेष रूप से, रसोई में पानी रखने की दिशा और स्थान आपकी आर्थिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि वास्तु के अनुसार किचन में पानी का गिलास या पात्र कहां रखना चाहिए ताकि धन की देवी मां लक्ष्मी का आगमन हो।
किचन में जल का महत्व और वास्तु
वास्तु के अनुसार, जल तत्व का संबंध सीधे तौर पर सकारात्मक ऊर्जा और धन के प्रवाह से है। किचन में अग्नि और जल का सही दिशा में होना 'वास्तु दोष' को दूर करता है। यदि पानी गलत दिशा में रखा जाए, तो घर में कलह, बीमारी और आर्थिक तंगी पैर पसारने लगती है।
पानी रखने की सबसे शुभ दिशा: उत्तर-पूर्व
किचन में पानी का गिलास, जग या पीने के पानी का मटका रखने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा सबसे उत्तम मानी जाती है।
उत्तर-पूर्व दिशा से सुबह की सकारात्मक किरणें प्रवेश करती हैं, जो पानी को शुद्ध और ऊर्जावान बनाए रखती हैं।
ईशान कोण को देवताओं का स्थान माना जाता है। यहाँ जल रखने से घर में शांति बनी रहती है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
उत्तर दिशा
यदि ईशान कोण में जगह न हो, तो आप पानी का पात्र उत्तर दिशा में भी रख सकते हैं। उत्तर दिशा के स्वामी कुबेर देव हैं। इस दिशा में साफ पानी रखने से आय के नए स्रोत खुलते हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
मां लक्ष्मी के आगमन के लिए विशेष उपाय
किचन में केवल पानी रखना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे रखने का तरीका भी मायने रखता है:
रात को भर कर रखें पानी: सोने से पहले किचन में एक ताजे पानी का गिलास या लोटा भरकर जरूर रखें। माना जाता है कि खाली बर्तन नकारात्मकता लाते हैं। सुबह इस पानी को पौधों में डाल दें। यह उपाय घर की दरिद्रता को दूर करने में सहायक होता है।
तांबे के पात्र का प्रयोग: पानी के लिए तांबे के लोटे या गिलास का उपयोग करना अत्यंत शुभ है। तांबा सूर्य और मंगल का कारक है, जो किचन की अग्नि ऊर्जा के साथ सामंजस्य बिठाता है।
उत्तर-पूर्व कोने में दीपक: शाम के समय किचन में जहाँ पानी रखा हो, वहां एक छोटा सा घी का दीपक या मोमबत्ती जलाने से मां लक्ष्मी का मार्ग प्रशस्त होता है।