Why Moon Rises Late On Karwa Chauth : करवा चौथ पर चांद निकलने में क्यों होती है देरी, जानें इसके पीछे का धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

Edited By Updated: 28 Oct, 2026 09:32 AM

why moon rises late on karwa chauth

सनातन धर्म में करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महलिएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। सुबह सूर्योदय से शुरू होने वाला यह व्रत रात में चंद्रमा...

Why Moon Rises Late On Karwa Chauth : सनातन धर्म में करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महलिएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। सुबह सूर्योदय से शुरू होने वाला यह व्रत रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने और पति के हाथों से जल ग्रहण करने के बाद पूरा किया जाता है। ऐसे में सभी व्रती महिलाओं को रात में चांद निकलने का बेसब्री से इंतजार रहता है। कई बार महिलाओं को लगता है कि करवा चौथ के दिन चंद्रमा सामान्य दिनों की तुलना  में देर से दिखाई देता है। आसमान में चांद नजर न आने पर व्रती महिलाएं बार-बार उसकी दिशा में देखने लगती हैं। तो आइए जानते हैं इसके धार्मिक और वैज्ञानिक कारण के बारे में-

Why Moon Rises Late On Karwa Chauth

करवा चौथ पर चांद निकलने में देरी क्यों होती है?

करवा चौथ के दिन चंद्रमा के निकलने का समय हर साल एक जैसा नहीं होता। इसकी वजह यह है कि चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर लगातार अपनी कक्षा में घूमता रहता है। इस कारण प्रतिदिन चंद्रमा के उदय होने के समय में बदलाव आता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दौरान चंद्रमा की स्थिति ऐसी होती है कि वह शाम के समय दिखाई दे सकता है, लेकिन उसका वास्तविक उदय समय हर साल और हर शहर में अलग हो सकता है। यही  कारण है कि किसी स्थान पर कि किसी स्थान पर चांद जल्दी दिखाई दे सकता है, जबकि दूसरे स्थान पर रहने वाली महिलाओं को उसके दर्शन के लिए कुछ अधिक समय तक इंतजार करना पड़ सकता है।

Why Moon Rises Late On Karwa Chauth 

क्या चांद वास्तव में करवा चौथ पर देर से निकलता है? जानें वैज्ञानिक कारण

वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो करवा चौथ पर चंद्रमा के देर से निकलने की कोई अलग या विशेष खगोलीय घटना नहीं होती। चंद्रमा का उदय और अस्त होना पृथ्वी तथा चंद्रमा की गति और उनकी आपसी स्थिति पर निर्भर करता है। चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है और इस दौरान सूर्य, पृथ्वी तथा चंद्रमा के बीच बनने वाला कोण लगातार बदलता रहता है। इसी वजह से चंद्रमा प्रतिदिन औसतन लगभग 50 मिनट बाद उदय होता है। हालांकि, यह अंतर हर दिन और हर स्थान पर बिल्कुल समान नहीं रहता। करवा चौथ के आसपास चंद्रमा की स्थिति और उसके उदय का समय ऐसा हो सकता है कि व्रती महिलाओं को शाम के समय लंबे इंतजार का अनुभव हो। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि चंद्रमा केवल करवा चौथ के दिन ही देर से निकलता है।

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