Edited By Mansi,Updated: 26 Jun, 2026 06:07 PM

अनिल कपूर ने कहा कि लंबे समय तक फिल्मों को हीरो और हीरोइन जैसे तयशुदा दायरों में देखा जाता रहा, लेकिन अब दर्शकों की सोच बदल चुकी है। उनके अनुसार आज लोग किसी किरदार को उसके जेंडर से नहीं, बल्कि उसकी ताकत, व्यक्तित्व और कहानी में उसके प्रभाव से जोड़कर...
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर का मानना है कि भारतीय सिनेमा अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां किसी फिल्म की पहचान उसके मेल या फीमेल लीड से नहीं, बल्कि उसकी दमदार कहानी और किरदारों से होती है। अपनी आगामी फिल्म 'ऐल्फा' को लेकर उन्होंने कहा कि यह फिल्म पारंपरिक सोच को तोड़ते हुए दो महिला कलाकारों को बड़े एक्शन स्पेस के केंद्र में रखती है, जो भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
'ऐल्फा' पुराने फिल्मी पैमानों को तोड़ती है
अनिल कपूर ने कहा कि लंबे समय तक फिल्मों को हीरो और हीरोइन जैसे तयशुदा दायरों में देखा जाता रहा, लेकिन अब दर्शकों की सोच बदल चुकी है। उनके अनुसार आज लोग किसी किरदार को उसके जेंडर से नहीं, बल्कि उसकी ताकत, व्यक्तित्व और कहानी में उसके प्रभाव से जोड़कर देखते हैं। यही वजह है कि 'ऐल्फा' उन्हें एक अलग और रोमांचक फिल्म लगती है।
'ऐल्फा' होना जेंडर नहीं, सोच और साहस की पहचान है
अपने विचार साझा करते हुए अनिल कपूर ने कहा कि 'ऐल्फा' शब्द का संबंध कभी भी पुरुष या महिला होने से नहीं रहा। उनके मुताबिक यह आत्मविश्वास, साहस, नेतृत्व और कहानी को आगे बढ़ाने की क्षमता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का दर्शक भी ऐसे ही मजबूत किरदारों से जुड़ना चाहता है, न कि किसी तय श्रेणी या लेबल से।
महिला प्रधान एक्शन फिल्मों को लेकर जताई खुशी
अनिल कपूर ने कहा कि उन्हें खुशी है कि बॉलीवुड ने आखिरकार ऐसी पॉपकॉर्न एक्शन एंटरटेनर फिल्म बनाई है, जिसमें आलिया भट्ट और शर्वरी जैसी दो अभिनेत्रियां मुख्य भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दर्शक इस नए प्रयोग को पसंद करेंगे क्योंकि आज लोग सिनेमाघरों में कुछ नया और अलग देखने की इच्छा रखते हैं।
बेटियों का जिक्र करते हुए कही खास बात
अनिल कपूर ने कहा कि एक पिता होने के नाते उन्हें गर्व है कि उनकी दोनों बेटियां हमेशा ऐसी फिल्मों और कहानियों का समर्थन करती हैं, जो परंपरागत सोच को चुनौती देती हैं और महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार करती हैं। उनका मानना है कि 'ऐल्फा' जैसी फिल्में भारतीय एक्शन सिनेमा में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकती हैं।
'नेतृत्व को जेंडर से नहीं जोड़ना चाहिए'
अभिनेता ने कहा कि अब समय आ गया है जब यह सवाल पूछना बंद होना चाहिए कि फिल्म का लीड किरदार पुरुष है या महिला। इसके बजाय दर्शकों को यह देखना चाहिए कि कहानी का असली 'ऐल्फा' कौन है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा के लिए यह सोच बेहद जरूरी है और उन्हें गर्व है कि वह ऐसी फिल्म का हिस्सा हैं जो इस बदलाव को दर्शाती है।
3 जुलाई को रिलीज होगी 'ऐल्फा'
आदित्य चोपड़ा के प्रोडक्शन में बनी और शिव रवैल के निर्देशन में तैयार 'ऐल्फा' में आलिया भट्ट और शर्वरी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी, जबकि बॉबी देओल फिल्म में खलनायक की भूमिका निभाएंगे। फिल्म 3 जुलाई को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।