Edited By Reetu sharma,Updated: 13 Oct, 2026 05:51 PM

फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर अनुभव सिन्हा ने महात्मा गांधी की नैतिक ताकत और स्वतंत्रता संग्राम के नेताओं के आपसी सम्मान से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उनकी आने वाली फिल्म में मनोज बाजपेयी महात्मा गांधी की भूमिका निभाते नजर आएंगे।
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर अनुभव सिन्हा ने महात्मा गांधी की नैतिक ताकत और स्वतंत्रता संग्राम के नेताओं के आपसी सम्मान से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उनकी आने वाली फिल्म में मनोज बाजपेयी महात्मा गांधी की भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन सुधीर मिश्रा ने किया है। यह कहानी भारतीय इतिहास के एक ऐसे अध्याय पर आधारित है, जिसके बारे में बहुत ज्यादा चर्चा नहीं होती।
बेटे के साथ बातचीत में सुनाया गांधी जी का किस्सा
अनुभव सिन्हा ने अपने बेटे के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए बताया कि महात्मा गांधी लोगों के बीच अपने प्रभाव का इस्तेमाल किस तरह करते थे। उन्होंने कहा, “मैं अपने बेटे से बोल यह था कि गांधी वह आदमी था जो कहता था कि तुम लोग झगड़ा बंद नहीं करोगे तो मैं खाना नहीं खाऊंगा। तो मेरा बेटा हंसने लग गया। बोला, ‘तो?’ तो मैंने कहा, ‘लोग झगड़ा बंद कर देते थे।’ एक बार नहीं हुआ, कई बार हुआ। यह उस आदमी का पावर था।” अनुभव सिन्हा के मुताबिक, यह घटना बताती है कि गांधी जी का प्रभाव केवल उनके विचारों तक सीमित नहीं था, बल्कि लोगों पर उनकी बातों का गहरा असर भी पड़ता था।
गांधी और आंबेडकर के बीच मतभेद के बावजूद था सम्मान
अनुभव सिन्हा ने महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर के नेता अपने मतभेदों के बावजूद देश के हित से जुड़े मुद्दों पर साथ काम करने में सक्षम थे। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण के दौरान जवाहरलाल नेहरू ने आंबेडकर को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी। सिन्हा ने इस प्रसंग के जरिए बताया कि विचारों में मतभेद होने के बावजूद एक-दूसरे की क्षमताओं और योगदान को स्वीकार करना उस दौर के नेताओं की खासियत थी।
नेहरू और गांधी के रिश्तों पर भी की बात
अनुभव सिन्हा ने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और जवाहरलाल नेहरू का जिक्र करते हुए कहा कि इन नेताओं के जीवन और उनके आपसी संबंधों पर और काम किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और वी. पी. मेनन जैसी ऐतिहासिक शख्सियतों की कहानियों को भी व्यापक रूप से सामने लाया जाना चाहिए। फिल्ममेकर का मानना है कि इन नेताओं के जीवन के ऐसे पहलुओं को समझना जरूरी है, जो भारतीय इतिहास को एक अलग नजरिए से देखने का मौका देते हैं।
वहीदा रहमान भी फिल्म का हिस्सा
इस फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ सौरभ शुक्ला भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान के जुड़ने से भी इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्सुकता बढ़ी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह करीब आठ साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी करेंगी। फिल्म का निर्माण अनुभव सिन्हा और नरेंद्र हिरावत ने बनारस मीडिया वर्क्स के बैनर तले किया है, जबकि इसे NH स्टूडियोज प्रस्तुत कर रहा है। यह फिल्म महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े एक ऐसे दौर को पर्दे पर लाने की कोशिश करेगी, जिसमें उनके विचारों, फैसलों और व्यक्तित्व के मानवीय पहलुओं को दिखाया जाएगा।