Edited By Rahul Singh,Updated: 28 Feb, 2026 09:15 PM

इस प्रस्तुति की खासियत है लोकप्रिय गायक Shaan की मधुर आवाज़ और सूफी गायकी की दमदार परंपरा से जुड़े Rais Anis Sabri तथा Mujtaba Aziz Naza का साथ। जहां शान की आवाज़ गीत को व्यापक अपील देती है, वहीं सबरी और नाज़ा की रूहानी गायकी इसकी आध्यात्मिक गहराई...
Damadam Mast Qalandar : भारतीय सूफी संगीत की पहचान बन चुका ‘दमादम मस्त कलंदर’ एक बार फिर नए अंदाज़ में श्रोताओं के सामने आया है। Desi Tadka Music के क्रिएटिव म्यूज़िकल आईपी BacXtage सीज़न 1 के एपिसोड 6 में इस कालजयी कलाम को समकालीन साउंडस्केप के साथ प्रस्तुत किया गया है, जहां विरासत और आधुनिकता का प्रभावशाली संगम देखने को मिलता है।
इस प्रस्तुति की खासियत है लोकप्रिय गायक Shaan की मधुर आवाज़ और सूफी गायकी की दमदार परंपरा से जुड़े Rais Anis Sabri तथा Mujtaba Aziz Naza का साथ। जहां शान की आवाज़ गीत को व्यापक अपील देती है, वहीं सबरी और नाज़ा की रूहानी गायकी इसकी आध्यात्मिक गहराई को और सशक्त बनाती है।
BacXtage की परिकल्पना संगीतकार Rameez Sohail ने की है, जो सबरी परंपरा की तीसरी पीढ़ी से आते हैं। उनका मानना है कि पारंपरिक संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उसे आधुनिक प्रस्तुति शैली के साथ पेश करना आवश्यक है। यही सोच BacXtage को एक अलग पहचान देती है — जहां जड़ों से जुड़ा संगीत आज की धुनों के साथ तालमेल बिठाता है। सीजन 1 में Kavita Seth, Raj Barman, Javed Ali, Shabab Sabri, Danish Sabri, Salman Ali और Pawandeep Rajan जैसे कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मंच को विविधता और गहराई प्रदान की है।
Desi Tadka Music के सीईओ Yash Hake के नेतृत्व में यह पहल सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास है। सीज़न का समापन Benny Dayal के साथ होने वाले विशेष सहयोग से होगा, जबकि अगस्त 2026 से BacXtage सीज़न 2 भारत के शीर्ष स्वतंत्र कलाकारों के साथ नई ऊर्जा के साथ शुरू होगा। ‘दमादम मस्त कलंदर’ का यह नया संस्करण साबित करता है कि सच्ची कला समय के साथ बदलते रूप में भी अपनी आत्मा को जीवित रख सकती है — और यही BacXtage की सबसे बड़ी उपलब्धि है।