Edited By Tanuja,Updated: 28 Feb, 2026 05:42 PM

इजरायल ने “ऑपरेशन द रोर ऑफ द हैरियर” के तहत पश्चिमी ईरान में सैकड़ों लक्ष्यों पर हमले का दावा किया और साथ ही लेबनान-सीरिया सीमा पर सैन्य तैनाती बढ़ाई। ईरान ने आत्मरक्षा का अधिकार जताया। कुवैत ने इमरजेंसी प्लान सक्रिय किए, खाड़ी देश हाई-अलर्ट पर हैं।
International Desk: इजरायल ने “ऑपरेशन द रोर ऑफ द हैरियर” नाम से जारी अभियान का फुटेज जारी किया, जिसमें पश्चिमी ईरान में सैंकड़ों ठिकानों पर हमले का दावा किया गया। आधिकारिक ब्रीफिंग के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। इसी के साथ इजरायल ने अपने उत्तरी मोर्चे पर Lebanon और Syria से लगी सीमाओं पर सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम Hezbollah की संभावित कार्रवाई को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
इजरायल के सामने तीन मोर्चों की चुनौती
- सीधे Iran के साथ टकराव,
- लेबनान से हिज़्बुल्लाह की फायरिंग,
- और सीरिया को संभावित लॉजिस्टिक कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल किया जाना।
- सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, सीमा पर अतिरिक्त बलों की तैनाती “घबराहट” नहीं बल्कि पूर्व-योजना का संकेत है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत “आत्मरक्षा के अधिकार” का हवाला दिया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अक्सर दोनों पक्ष अपनी सैन्य कार्रवाई को आत्मरक्षा बताते रहे हैं। जमीनी स्तर पर हमलों और जवाबी हमलों की रिपोर्टें जारी हैं।
खाड़ी देशों में हाई-अलर्ट
Kuwait ने आपातकालीन योजनाएं सक्रिय कर दी हैं। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़े किए हैं। पिछले दशकों में कई खाड़ी देशों ने अमेरिका और ईरान के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की थी, लेकिन मौजूदा हालात में वह विकल्प सीमित होता दिख रहा है। मध्य पूर्व अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां छोटी चूक भी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकती है। आने वाले बयान और जमीनी घटनाक्रम स्थिति की दिशा तय करेंगे।