Edited By Prachi Sharma,Updated: 07 Jul, 2026 02:00 PM

Kailash Kher : हिंदी सिनेमा के मशहूर गायकों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले कैलाश खेर आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। अपनी दमदार, सुकूनभरी और अनोखी आवाज से उन्होंने करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई है। कैलाश खेर सिर्फ गाने गाते ही...
Kailash Kher : हिंदी सिनेमा के मशहूर गायकों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले कैलाश खेर आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। अपनी दमदार, सुकूनभरी और अनोखी आवाज से उन्होंने करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई है। कैलाश खेर सिर्फ गाने गाते ही नहीं बल्कि संगीत को पूरी शिद्दत से जीते भी हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर आइए जानते हैं उनकी जिंदगी को करियर दिलचस्प और प्रेणादायक किस्से।
बचपन से था संगीत का रुझान
कैलाश खेर का जन्म 7 जुलाई 1973 को मेरठ में हुआ था। बचपन से ही उनका रुझान संगीत की तरफ बहुत था। यह कला उन्हें अपने परिवार से विरासत में मिली। उनके पिता मेहर सिंह खेर एक प्रसिद्ध लोक गायक थे, जिन्होंने कैलाश को संगीत की शुरुआत शिक्षा दी। कम उम्र ही कैलाश ने तय कर लिया था कि वह अपनी जिंदगी सिर्फ संगीत को ही समर्पित करेंगे। हालांकि, इस सपने को पूरा करना आसान नहीं था और उन्हें एक सफल गायक बनने से पहले कई कठिन संघर्षों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
14 साल की उम्र में ही छोड़ दिया था घर
कैलाश खेर के ऊपर संगीत का इतना जूनून था कि उन्होंने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए महज 15 साल की उम्र ही घर छोड़ दिया था। अपने सपनों को साकार करने के इरादे से वह मेरठ से दिल्ली आ गए, जहां उन्होंने संगीत की विधिवत शिक्षा लेने के लिए म्यूजिक क्लास जॉइन की। इतना ही नहीं अपनी आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए कैलाश खेर शाम को बच्चों को संगीत सिखाते थे, इसके बदले वो 150 रुपये फीस लिया करते थे।

बिजनेस में नुकसान के बाद टूट गए थे कैलाश खेर
एक बार एक इंटरव्यू के दौरान कैलाश खेर ने बताया कि वर्ष 1999 में उन्होंने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर हैंडीक्राफ्ट का कारोबार शुरू किया था। हालांकि, यह कारोबार सफल नहीं हो सकता और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इस असफलता ने उन्हें इतना निराश कर दिया रकी उनके मन में आत्महत्या जैसे विचार आने लगे थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उस कठिन दौर में उन्होंने अपनी जिंदगी खत्म करने की कोशिश की थी।

इस तरह मिली बॉलीवुड में मिली जगह
कैलाश खेर का एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने अपना ज्यादा समय ऋषिकेश में साधु-संतों के बीच बिताया। यहां पर कैलाश खेर गंगा किनारे भजन गया करते थे। बाद में अपनी अनोखी और अलग गायकी के दम पर उन्होंने बॉलीवुड में खास पहचान बनाई। 'रब्बा इश्क न होवे' और 'अल्ला के बंदे हंस दे' जैसे गीतों ने उन्हें घर-घर मशहूर कर दिया। इसके अलावा पिया घर आवेंगे, बम लहरी, सैयां, दौलत शोहरत जैसे गानों ने उन्हें खूब पहचान दिलाई।