ऑस्कर 2027 की रेस में नागालैंड की ‘अंग’, TIFF में जीता प्लेटफॉर्म प्राइज, जानें क्या है फिल्म की कहानी

Edited By Updated: 21 Sep, 2026 02:06 PM

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भारतीय सिनेमा के लिए इस साल एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। नागालैंड की पृष्ठभूमि पर बनी नागा फिल्ममेकर तेजा रियो की फिल्म ‘अंग’ ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में प्लेटफॉर्म प्राइज अपने नाम कर लिया है।

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय सिनेमा के लिए इस साल एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। नागालैंड की पृष्ठभूमि पर बनी नागा फिल्ममेकर तेजा रियो की फिल्म ‘अंग’ ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में प्लेटफॉर्म प्राइज अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ फिल्म ने ऑस्कर 2027 में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया है।

TIFF में मिला बड़ा सम्मान
तेजा रियो के निर्देशन में बनी ‘अंग’ को TIFF की जूरी ने इसके नए नजरिए, मजबूत फिल्म निर्माण और एक दुनिया की गहरी और प्रभावशाली तस्वीर पेश करने के लिए सम्मानित किया। फेस्टिवल के आयोजकों ने रविवार शाम पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की, जिसमें ‘अंग’ का नाम भी शामिल रहा। जूरी ने फिल्म को प्लेटफॉर्म प्राइज देते हुए इसके फिल्ममेकर की सोच, हिम्मत और साहस की तारीफ की। इस सम्मान ने अब फिल्म के लिए ऑस्कर 2027 का रास्ता भी खोल दिया है।

TIFF का प्लेटफॉर्म प्राइज क्यों है खास?
इस साल से TIFF का प्लेटफॉर्म प्राइज उन अंतरराष्ट्रीय फेस्टिवल पुरस्कारों में शामिल हो गया है, जिनके जरिए विजेता फिल्म को ऑस्कर की इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में सीधे क्वालिफिकेशन मिलता है। ऐसे में ‘अंग’ अब 2027 के ऑस्कर में भारत की राष्ट्रीय एंट्री ‘गोंधल’ समेत अन्य देशों की फिल्मों के साथ मुकाबले में होगी।

क्या है ‘अंग’ की कहानी?
‘अंग’ की कहानी एक पिता और बेटे के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में बेटा मिशन की सुख-सुविधाओं की ओर आकर्षित होता है, जबकि कहानी इसके साथ धर्म परिवर्तन की उस प्रक्रिया को भी दिखाती है, जिसमें स्थानीय संस्कृति को पिछड़ा हुआ बताया जाता है।

2021 की शॉर्ट फिल्म पर आधारित है ‘अंग’
तेजा रियो की यह फिल्म उनकी 2021 में आई अवॉर्ड-विनिंग शॉर्ट फिल्म पर आधारित है। फिल्म के जरिए नागालैंड और वहां की उस संस्कृति को पर्दे पर लाने की कोशिश की गई है, जिसे सिनेमा में अब तक बहुत कम जगह मिली है। 1960 के दशक में सेट ‘अंग’ लगभग पूरी तरह कोन्याक भाषा में बनाई गई है। यही वजह है कि फिल्म की कहानी के साथ-साथ इसकी भाषा, संस्कृति और स्थानीय परिवेश भी इसे खास बनाते हैं।

 

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