Edited By Mansi,Updated: 09 Mar, 2026 06:26 PM

मशहूर प्रोस्थेटिक्स डिजाइनर शॉन हैरिसन, जिन्होंने 'हैरी पॉटर' के लॉर्ड वोल्डेमॉर्ट, 'कैप्टन अमेरिका' के रेड स्कल और 'स्टार वॉर्स' जैसी फिल्मों के किरदारों पर काम किया है, अब 'तुम्बाड 2' से जुड़ गए हैं।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मशहूर प्रोस्थेटिक्स डिजाइनर शॉन हैरिसन, जिन्होंने 'हैरी पॉटर' के लॉर्ड वोल्डेमॉर्ट, 'कैप्टन अमेरिका' के रेड स्कल और 'स्टार वॉर्स' जैसी फिल्मों के किरदारों पर काम किया है, अब 'तुम्बाड 2' से जुड़ गए हैं। उन्होंने इस कल्ट हॉरर फिल्म के सीक्वल में एक मुख्य किरदार के मेकअप को लेकर कई दिलचस्प बातें बताई हैं। शॉन ने खुलासा किया कि इस फिल्म में एक अहम किरदार तीन अलग-अलग फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन्स से गुजरता है। इन बदलावों को दिखाने के लिए बहुत ही बारीकी और जटिल प्रोस्थेटिक वर्क का इस्तेमाल किया गया है ताकि किरदार एकदम असली और खौफनाक लग सके।
शूटिंग के लिए तैयार किए गए कई प्रोस्थेटिक सेट
मेकअप की बारीकियों के बारे में बात करते हुए हैरिसन ने बताया कि शूटिंग के दौरान विजुअल निरंतरता बनाए रखने के लिए टीम को बहुत सावधानी से कई प्रोस्थेटिक पीस तैयार करने पड़े। उन्होंने कहा, "हम एक मुख्य किरदार पर काम कर रहे हैं जिसके लिए हमें तीन अलग-अलग लुक्स तैयार करने हैं, और ये काफी भारी-भरकम मेकअप हैं। इसमें सबसे दिलचस्प बात यह है कि हमें 'डबल मेकअप' भी तैयार रखने पड़ते हैं, क्योंकि हर फिल्म की तरह यहाँ भी स्टंट डबल और एक्टिंग डबल होते हैं।" हैरिसन ने आगे समझाया कि यह काम किसी फैक्ट्री की लाइन जैसा है, "आपको मेकअप के ढेरों सेट बनाने पड़ते हैं क्योंकि एक्टर पर इस्तेमाल होने वाला प्रोस्थेटिक पीस सिर्फ एक बार ही काम आता है। अगर एक्टर को 30 दिन तक उस गेटअप में रहना है, तो हमें 30 बिल्कुल एक जैसे पीस बनाने होंगे। हमारे पास मोल्ड्स (साँचे) होते हैं जिनमें हम सिलिकॉन डालकर बार-बार वही चीज़ बनाते हैं। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि दर्शकों को ज़रा भी अंदाज़ा न हो कि ये अलग-अलग समय पर शूट किए गए हैं और सब कुछ एक जैसा दिखे। हमारे लिए कुछ नया करना हमेशा से रोमांचक रहा है।"
हर दिन के लिए अलग प्रोस्थेटिक पीस की जरूरत
हैरिसन ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रोस्थेटिक काम की वजह से फिल्म की शूटिंग में देरी न हो, इसके लिए तैयारी और टेस्टिंग सबसे जरूरी है। उन्होंने बताया, “हर फिल्म की स्क्रिप्ट अलग होती है। जब आप उसे पढ़ते हैं, तो आप सोचते हैं कि इसे तीन अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है। हम हमेशा वही तरीका चुनते हैं जो सेट पर सबसे आसान हो। आप नहीं चाहेंगे कि आपकी वजह से क्रू, डायरेक्टर या प्रोड्यूसर को रुकना पड़े। इसलिए हम पहले से ही सब कुछ स्मूद रखने की कोशिश करते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि टेस्टिंग इस पूरे प्रोसेस का सबसे अहम हिस्सा है, “शूटिंग से पहले किए जाने वाले टेस्ट बहुत ज़रूरी होते हैं। अगर कोई चीज़ सही से काम नहीं कर रही होती, तो हम उसे पहले ही बदल देते हैं ताकि सेट पर कोई परेशानी न हो।”
नवाजुद्दीन सिद्दीकी की 'तुम्बाड यूनिवर्स' में एंट्री
'तुम्बाड 2' सिनेमा की दुनिया की सबसे चर्चित और प्रतीक्षित फिल्मों में से एक बनती जा रही है। मेकर्स ने हाल ही में नवाजुद्दीन सिद्दीकी की 'तुम्बाड यूनिवर्स' में एंट्री का ऐलान करके सबका उत्साह बढ़ा दिया है।
'तुम्बाड 2' का नेतृत्व सोहम शाह फिल्म्स के बैनर तले एक्टर-प्रोड्यूसर सोहम शाह कर रहे हैं, जिसमें दिग्गज प्रोड्यूसर डॉ. जयंतीलाल गडा की 'पेन स्टूडियोज' भी साथ है। इस स्टूडियो ने प्रोडक्शन से लेकर ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन तक फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई है। उनके नाम 'कहानी' और 'गंगूबाई काठियावाड़ी' जैसी 3,000 से ज़्यादा फिल्में हैं। उन्होंने ग्लोबल ब्लॉकबस्टर 'RRR' को प्रेजेंट किया और 'जवान', 'स्त्री 2' और 'छावा' जैसी बड़ी कामयाब फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन का काम भी संभाला है।