धर्म नहीं, बच्चों की सेहत का सवाल है...पटाखे जलाने वालों को Anti-National बोलकर Troll हुईं Alia की मां Soni Razdan, अब दी सफाई

Edited By Updated: 05 Nov, 2026 03:56 PM

soni razdan diwali controversy

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनी राजदान ने पटाखों को लेकर अपनी पिछली टिप्पणी पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण के खतरों और जन स्वास्थ्य पर इसके असर को उजागर करना था।

Soni Razdan Controversy : बॉलीवुड अभिनेत्री सोनी राजदान ने पटाखों को लेकर अपनी पिछली टिप्पणी पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण के खतरों और जन स्वास्थ्य पर इसके असर को उजागर करना था। 'X' पर एक पोस्ट में, राजदान ने कहा कि पटाखे फोड़ने से कोई व्यक्ति राष्ट्रवादी नहीं बन जाता और न ही पटाखे न फोड़ने से कोई 'राष्ट्र-विरोधी' हो जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपनी निजी खुशी के लिए जानबूझकर वायु प्रदूषण बढ़ाना और पूरे समुदाय के स्वास्थ्य को खतरे में डालना कहीं अधिक गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने लिखा, "X पर मौजूद उन लोगों से कहना चाहती हूँ जो मेरी पोस्ट को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे लगता है कि आप असल मुद्दे को समझने में नाकाम रहे हैं।

'राष्ट्र-विरोधी' शब्द के इस्तेमाल पर सफाई देते हुए अभिनेत्री ने कहा, "मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहती हूं क्योंकि मेरे राष्ट्र-विरोधी शब्द के इस्तेमाल से काफी भ्रम पैदा हो गया है। पटाखे फोड़ने से कोई राष्ट्रवादी नहीं बन जाता और पटाखे न फोड़ने का मतलब कतई राष्ट्र-विरोधी होना नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, "मेरे हिसाब से, जानबूझकर इतना खतरनाक वायु प्रदूषण फैलाना, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है, बेहद गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। अगर हमें 'राष्ट्र-विरोधी' शब्द का इस्तेमाल करना ही है, तो अपनी निजी खुशी के कुछ पलों के लिए पूरे समुदाय के स्वास्थ्य को खतरे में डालने वालों को इस श्रेणी में रखना कहीं ज्यादा सही होगा।" यह सवाल उठाते हुए कि सार्वजनिक स्वास्थ्य पर हो रही चर्चा को धार्मिक बहस में क्यों बदला जा रहा है, रज़दान ने स्पष्ट किया कि उनकी बात वायु प्रदूषण और सभी समुदायों के लोगों पर इसके पड़ने वाले प्रभावों के बारे में थी।

Soni Razdan diwali Controversy

उन्होंने लिखा, "क्या सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसी बुनियादी चीज पर होने वाली हर बातचीत को धर्म की बहस में बदल देना ज़रूरी है? यह धर्म के बारे में नहीं है। यह हवा के बारे में है। यह उन बच्चों के बारे में है जो बीमार पड़ रहे हैं, स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और जिन्हें सांस लेने में तकलीफ़ हो रही है। यह इस देश के हर नागरिक के स्वास्थ्य और भलाई के बारे में है, चाहे उनका धर्म, आस्था या विश्वास कुछ भी हो।

उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि वे सामूहिक जिम्मेदारी के बारे में उनके संदेश का गलत मतलब न निकालें। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर बच्चे के लिए साफ हवा बहुत जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा, "कृपया सामूहिक जिम्मेदारी के बारे में दिए गए एक सरल संदेश को तोड़-मरोड़कर कुछ और न बनाएं, जिसका ऐसा कोई इरादा ही नहीं था। क्योंकि ये आपके बच्चे भी हैं। ये सबके बच्चे हैं। और इन्हें साफ़ हवा में सांस लेने का हक़ है। यक़ीनन, इस बात पर तो हम सभी सहमत हो सकते हैं, है न ?

इससे पहले, बुधवार को रजदान ने इंस्टाग्राम पर वायु गुणवत्ता और बच्चों के स्वास्थ्य पर पटाखों के असर को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने पटाखों के इस्तेमाल को "जीवन के खिलाफ, स्वास्थ्य के ख़िलाफ और हां... राष्ट्र-विरोधी बताते हुए लोगों से अपील की थी कि वे दिवाली पर एक भी पटाखा न जलाने के बारे में फिर से सोचें।

उन्होंने लिखा था, "छोटे बच्चों के माता-पिता आपको बता सकते हैं कि वायु प्रदूषण की वजह से उनके बच्चे कितनी तकलीफ झेल रहे हैं। बीमारी के कारण उनके कितने स्कूल छूट जाते हैं इसलिए अगर आप मुझसे कहें कि ऐसे हालात में इस दिवाली पर एक भी पटाखा जलाना पूरी तरह ठीक है तो मैं बस यही कहूँगी कि यह मुझे जीवन के खिलाफ, स्वास्थ्य के खिलाफ और हां, राष्ट्र-विरोधी लगता है। स्वास्थ्य एक ऐसा विकल्प है जिसे हम अपने और अपने बच्चों के लिए चुनते हैं। आइए, हम सही विकल्प चुनें। उनका यह स्पष्टीकरण दिवाली से पहले पटाखों के इस्तेमाल और वायु प्रदूषण को लेकर चल रही व्यापक चर्चा के बीच आया है। इससे पहले, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने अभिनेत्री दीया मिर्जा का एक जागरूकता वीडियो साझा किया था, जिसमें नागरिकों से पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने की अपील की गई थी। हालांकि, कुछ राजनीतिक नेताओं की आपत्तियों के बाद इस वीडियो को हटा दिया गया था।

बाद में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने कुछ राजनीतिक नेताओं की उन टिप्पणियों पर नाराजगी जताई, जो उन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा के उस वीडियो को लेकर की थीं, जिसमें लोगों से दिवाली पर सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे न फोड़ने की अपील की गई थी। हाई कोर्ट ने BMC को निर्देश दिया है कि वह इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फिर से अपलोड करे। सुनवाई के दौरान, जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की बेंच ने कुछ राजनीतिक नेताओं की टिप्पणियों पर नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने कहा कि नेताओं की ऐसी टिप्पणियों से उसे निराशा हुई है और उन्हें याद दिलाया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।

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