PhonePe का बड़ा ऐलान- Zero wallet बैलेंस का बैंक अकाउंट और UPI लेनदेन पर नहीं होगा असर

Edited By Updated: 20 Jun, 2026 05:01 PM

a zero wallet balance will not affect bank account and upi transactions phonepe

डिजिटल भुगतान मंच PhonePe ने साफ किया है कि De- Activate पड़े वॉलेट पर लगने वाले 'Inactivity fee' का उपभोक्ताओं के लिंक किए गए बैंक खातों या UPI लेनदेन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने यह स्पष्टीकरण कुछ ग्राहकों को भेजी गई सूचनाओं के बाद जारी किया,...

नेशनल डेस्क: डिजिटल भुगतान मंच PhonePe ने साफ किया है कि De- Activate पड़े वॉलेट पर लगने वाले 'Inactivity fee' का उपभोक्ताओं के लिंक किए गए बैंक खातों या UPI लेनदेन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने यह स्पष्टीकरण कुछ ग्राहकों को भेजी गई सूचनाओं के बाद जारी किया, जिनसे डिजिटल वॉलेट और UPI के संचालन को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। कंपनी ने कहा कि यह शुल्क केवल फोनपे वॉलेट पर लागू होता है, जो एक Prepaid payment साधन (पीपीआई) है। इसका संबंध यूपीआई भुगतान से नहीं है, जहां राशि सीधे उपयोगकर्ता के बैंक खाते से कटती है। फोनपे के अनुसार, कई उपभोक्ता फोनपे खाते, UPI खाते और PhonePe Wallet को एक ही सेवा मानते हैं, जबकि ये अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं और इन पर अलग-अलग नियम लागू होते हैं।

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कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी उपयोगकर्ता के वॉलेट में पर्याप्त शेष राशि नहीं है, तो निष्क्रियता शुल्क उसके बैंक खाते या यूपीआई के माध्यम से नहीं वसूला जाएगा। कुछ ग्राहकों ने यह सवाल भी उठाया कि वे नियमित रूप से फोनपे ऐप का उपयोग करते हैं, फिर भी उन्हें निष्क्रियता संबंधी सूचना क्यों मिली। इस पर कंपनी ने कहा कि वॉलेट गतिविधि और यूपीआई गतिविधि को अलग-अलग दर्ज किया जाता है। ऐसे में कोई ग्राहक क्यूआर कोड भुगतान, धन हस्तांतरण या बिल भुगतान के लिए नियमित रूप से यूपीआई का उपयोग करता रहे, फिर भी उसका वॉलेट लंबे समय तक उपयोग नहीं होने पर निष्क्रिय माना जा सकता है।

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कंपनी के अनुसार, किसी वॉलेट से Inactivity fee काटने से 15 दिन पहले उपयोगकर्ता को सूचना भेजी जाती है। इस अवधि में ग्राहक वॉलेट को फिर से सक्रिय कर सकता है, उसमें धनराशि जोड़ सकता है, पात्र शेष राशि निकाल सकता है या वॉलेट बंद कर सकता है। फोनपे ने यह भी स्पष्ट किया कि वॉलेट को पुनः सक्रिय करने के लिए पूर्ण 'केवाईसी' कराना आवश्यक नहीं है।

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सामान्य तौर पर OTP verifaction और वॉलेट के जरिए से एक लेनदेन कर इसे सक्रिय किया जा सकता है। कंपनी ने कहा कि कैशबैक को लेकर भी उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति है। आमतौर पर कैशबैक राशि फोनपे वॉलेट में जमा नहीं होती, बल्कि अलग 'गिफ्ट कार्ड बैलेंस' में जमा की जाती है। इसलिए कैशबैक प्राप्त होने का अर्थ यह नहीं है कि वॉलेट सक्रिय है या उस राशि पर निष्क्रियता शुल्क लागू होगा। 

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