Edited By Mansa Devi,Updated: 09 Mar, 2026 06:29 PM

कई लोगों को थोड़ा सा चलने, सीढ़ियां चढ़ने या हल्का काम करने पर ही सांस फूलने लगती है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है। अक्सर लोग इसे सामान्य थकान या सांस की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
नेशनल डेस्क: कई लोगों को थोड़ा सा चलने, सीढ़ियां चढ़ने या हल्का काम करने पर ही सांस फूलने लगती है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है। अक्सर लोग इसे सामान्य थकान या सांस की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोग इसे दिल से जुड़ी बीमारी मान लेते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार हर बार ऐसा होना सिर्फ शारीरिक समस्या नहीं होता, कई बार इसका संबंध मेंटल हेल्थ या एंग्जाइटी से भी हो सकता है।
दिल की बीमारी का हो सकता है संकेत
दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में एडिशनल प्रोफेसर डॉ. अजीत जैन के अनुसार, अगर सीढ़ियां चढ़ते समय या चलते समय दिल बहुत तेजी से धड़कने लगे और साथ में सांस भी फूलने लगे तो यह दिल से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। डॉक्टर बताते हैं कि कई बार दिल की धमनियों में ब्लॉकेज होने के कारण हार्ट को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। ऐसी स्थिति में दिल को सामान्य काम करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है और व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
एंग्जाइटी भी हो सकती है वजह
डॉ. जैन के अनुसार कई बार तेज हार्ट बीट का कारण एंग्जाइटी या मानसिक तनाव भी हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को किसी जगह जाने से पहले घबराहट महसूस होती है, ऑफिस मीटिंग या किसी जिम्मेदारी वाले काम से पहले दिल की धड़कन बढ़ जाती है, या वह लगातार किसी न किसी बात को लेकर चिंतित रहता है, तो यह मानसिक तनाव का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में कार्डियोलॉजिस्ट के साथ-साथ मनोरोग विशेषज्ञ या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना भी जरूरी हो सकता है।
एनीमिया और थायरॉयड भी बन सकते हैं कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ लोगों में एनीमिया (हीमोग्लोबिन की कमी) के कारण भी दिल की धड़कन तेज हो सकती है। जब शरीर में खून की कमी होती है, तो शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए दिल को ज्यादा तेजी से काम करना पड़ता है। इसके अलावा थायरॉयड की समस्या में भी हार्ट रेट बढ़ने की शिकायत देखी जाती है। यह समस्या महिलाओं में अपेक्षाकृत अधिक पाई जाती है।
कैसे करें बचाव
दिल और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाए रखने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं:
- रोजाना कम से कम 30 मिनट तक वॉक या हल्का व्यायाम करें।
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
- योग और मेडिटेशन के जरिए तनाव को कम करने की कोशिश करें।
- समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य जांच करवाते रहें।