Edited By Rohini Oberoi,Updated: 23 Feb, 2026 09:29 AM

मेडिकल इमरजेंसी के समय हेल्थ इंश्योरेंस किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं होता लेकिन अक्सर देखा गया है कि लोग पॉलिसी तो ले लेते हैं पर क्लेम के वक्त कंपनी हाथ खड़े कर देती है। इसकी बड़ी वजह पॉलिसी के बारीक अक्षरों (Fine Print) और शर्तों को नजरअंदाज करना है।...
Health Insurance Claim Guide : मेडिकल इमरजेंसी के समय हेल्थ इंश्योरेंस किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं होता लेकिन अक्सर देखा गया है कि लोग पॉलिसी तो ले लेते हैं पर क्लेम के वक्त कंपनी हाथ खड़े कर देती है। इसकी बड़ी वजह पॉलिसी के बारीक अक्षरों (Fine Print) और शर्तों को नजरअंदाज करना है। अगर आप भी नया हेल्थ प्लान लेने की सोच रहे हैं तो क्लेम रिजेक्शन से बचने के लिए इन बातों को गांठ बांध लें।
1. 'वेटिंग पीरियड' का मायाजाल समझें
हर पॉलिसी में कुछ समय का Waiting Period होता है। इसका मतलब है कि पॉलिसी लेने के तुरंत बाद कुछ बीमारियां कवर नहीं होतीं।
प्री-एग्जिस्टिंग डिजीज (PED): अगर आपको पहले से कोई बीमारी है (जैसे शुगर या बीपी) तो उसके लिए आमतौर पर 2 से 4 साल का वेटिंग पीरियड होता है।
स्पेसिफिक बीमारियां: मोतियाबिंद या पथरी जैसी बीमारियों के लिए भी 1-2 साल का इंतजार करना पड़ सकता है।

2. अपनी मेडिकल हिस्ट्री कभी न छिपाएं
सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं वह है अपनी पिछली बीमारियों या सर्जरी की जानकारी छिपाना।
डिस्क्लोजर: यदि आप धूम्रपान करते हैं या कोई पुरानी दवा ले रहे हैं तो फॉर्म में उसका साफ जिक्र करें।
परिणाम: अगर क्लेम के समय कंपनी को पता चला कि आपने जानकारी छिपाई थी तो न केवल क्लेम रिजेक्ट होगा बल्कि आपकी पॉलिसी भी रद्द की जा सकती है।
3. रूम रेंट और सब-लिमिट पर नजर रखें
ज्यादातर लोग सिर्फ कवर राशि (जैसे 5 लाख का बीमा) देखते हैं लेकिन अस्पताल के कमरे का किराया (Room Rent Limit) भूल जाते हैं। यदि आपकी पॉलिसी में रूम रेंट की लिमिट 1% है, तो 5 लाख की पॉलिसी पर आप केवल ₹5,000 तक का कमरा ले सकते हैं। इससे महंगा कमरा लेने पर आपको पूरे बिल का एक बड़ा हिस्सा खुद भरना पड़ सकता है।

4. एक्सक्लूजन लिस्ट को ध्यान से पढ़ें
पॉलिसी के डॉक्यूमेंट में एक लिस्ट होती है जिसे Exclusions कहते हैं। यह वह लिस्ट है जिसमें बताया जाता है कि कंपनी किन चीजों का पैसा नहीं देगी। उदाहरण के तौर पर कॉस्मेटिक सर्जरी, मोटापे का इलाज, या खुद को पहुंचाई गई चोट अक्सर कवर नहीं होती। बिना डॉक्टर की पर्ची के खरीदे गए सप्लीमेंट्स का पैसा भी नहीं मिलता।
5. दस्तावेजों का सही प्रबंधन
कैशलेस क्लेम हो या बाद में पैसा वापस (Reimbursement) लेना हो आपके पास ये कागज होने अनिवार्य हैं:

डिस्चार्ज समरी: अस्पताल से छुट्टी मिलते समय मिली रिपोर्ट।
ओरिजिनल बिल: अस्पताल की सभी दवाइयों और टेस्ट के असली बिल।
डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन: इलाज की जरूरत बताने वाला डॉक्टर का पर्चा।
विशेषज्ञ की सलाह: पॉलिसी लेते समय केवल एजेंट की बातों पर भरोसा न करें। 'Key Information Document' खुद पढ़ें और कैशलेस नेटवर्क अस्पतालों की लिस्ट जरूर चेक करें।