ब्राजील का ट्रंप को बड़ा झटकाः चुनाव से पहले वरिष्ठ US अधिकारियों की एंट्री की बैन

Edited By Updated: 26 Jul, 2026 11:51 AM

brazil denies entry to trump officials ahead of elections

ब्राजील ने अमेरिकी विदेश विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को वीजा देने से इनकार कर दिया है। ब्राजील का आरोप है कि वे आगामी आम चुनावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की कोशिश कर सकते थे। इस घटनाक्रम ने राष्ट्रपति लूला और ट्रंप प्रशासन के बीच पहले से जारी...

International Desk:  ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि उसने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के ट्रंप प्रशासन के उन दो अधिकारियों के वीजा आवेदन खारिज कर दिए हैं जो अगले सप्ताह ब्राजील की यात्रा पर आने वाले थे। इस घटनाक्रम को दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव की नयी कड़ी माना जा रहा है। यह मामला तब सार्वजनिक हुआ जब 'द वॉशिंगटन पोस्ट' ने अपनी एक खबर में कहा कि ब्राजील सरकार का कहना है कि अमेरिकी अधिकारी- सहायक विदेश मंत्री राइली एम. बार्न्स और उप सहायक मंत्री सैमुअल सैमसन, अक्टूबर में होने वाले ब्राजील के आम चुनावों की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा करना चाहते थे। ब्राजील के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि बार्न्स और सैमसन ने 20 जुलाई को वीजा के लिए आवेदन किया था जिसे शुक्रवार को अस्वीकार कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने वीजा खारिज किए जाने का कारण नहीं बताया।

 

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा फिर से चुनाव लड़ रहे हैं और उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी सांसद फ्लावियो बोल्सोनारो हैं जिनके परिवार के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से करीबी संबंध रहे हैं। फ्लावियो बोल्सोनारो और उनके भाई एडुआर्डो बोल्सोनारो ने मई के अंत में वॉशिंगटन जाकर राष्ट्रपति ट्रंप समेत अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की थी। इसके कुछ ही समय बाद ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील के दो सबसे बड़े मादक पदार्थ तस्करी गिरोह 'फर्स्ट कमांड कैपिटल' और 'रेड कमांड' को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया। राष्ट्रपति लूला ने इस फैसले का विरोध किया था। ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील से आने वाले हजारों उत्पादों पर अधिकतम 37.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी लागू कर दिया, जो शुक्रवार से प्रभावी हो गया।

 

अमेरिका सरकार का आरोप है कि ब्राजील अनुचित व्यापार प्रतिस्पर्धा करता है और जबरन श्रम को रोकने में विफल रहा है। लूला सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह कदम चुनाव में सीनेटर बोल्सोनारो के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि बार्न्स और सैमसन की 27 से 30 जुलाई के बीच ब्रासीलिया यात्रा की योजना थी। इस दौरान वे सरकारी अधिकारियों, धार्मिक नेताओं और अन्य लोगों से 'चुनावी निष्पक्षता', धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर चर्चा करने वाले थे। 'द एसोसिएटेड प्रेस' (एपी) के सवाल के जवाब में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को एक सामान्य आधिकारिक दौरा बताया और कहा कि किसी लोकतांत्रिक देश के चुनाव को कमजोर करने की साजिश का आरोप ''पूरी तरह निराधार और झूठ'' है।

 

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो कई वर्षों से देश की इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। वर्तमान में वह तख्तापलट की कोशिश से जुड़े मामले में 27 वर्ष की सजा काट रहे हैं। उनका लंबे समय से दावा रहा है कि पिछले 25 वर्ष से इस्तेमाल हो रही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के जरिए धांधली किए जाने की संभावना है। उनके बेटे एवं सांसद फ्लावियो बोल्सोनारो ने भी हाल के दिनों में इन दावों को दोहराया है। हालांकि, शनिवार को साओ पाउलो में उनकी लिबरल पार्टी द्वारा उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के दौरान उन्होंने चुनावी मशीनों पर कोई टिप्पणी नहीं की। 

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