एशिया में नाटो के विस्तार ने बढ़ाई चीन की टेंशन, राजदूत झांग ने दी चेतावनी

Edited By Tanuja,Updated: 30 Jun, 2022 02:41 PM

china s envoy urges nato not to fan bloc confrontation using ukraine crisis

एशिया में नाटो के विस्तार ने चीन को टेंशन में डाल दिया है। इस पर यूनाइटेड नेशंस में चीनी राजदूत झांग जुन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि...

इंटरनेशनल डेस्कः एशिया में नाटो के विस्तार ने चीन को टेंशन में डाल दिया है। इस पर यूनाइटेड नेशंस में चीनी राजदूत झांग जुन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर नाटो का विस्तार एशिया-प्रशांत क्षेत्र में किया गया तो क्षेत्र में उथल-पुथल मच जाएगी और संघर्ष का सामना करना पड़ेगा।  राजदूत झांग जुन ने कहा है कि नाटो ने दुनिया के कई क्षेत्रों में दिक्कतें पैदा की है। नाटो को यूक्रेन में जारी युद्ध से सीखना चाहिए।

 

झांग ने कहा है कि शीत युद्ध के बाद नाटो के पूर्व की ओर विस्तार न सिर्फ यूरोप को सुरक्षित बनाने में नाकाम रहा है बल्कि संघर्ष का बीज भी बोया है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह की उथल-पुथल और संघर्ष दुनिया के कुछ हिस्सों को प्रभावित कर रहे हैं, उन्हें एशिया-प्रशांत में नहीं होने देना चाहिए। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने चीन पर निशाना साधते हुए कहा है कि हम चाहते हैं कि चीन यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए रूस पर दबाव डाले। हालंकि इस बात के बेहद कम सबूत हैं कि चीन रूस का सैन्य रूप से समर्थन कर रहा था लेकिन बीजिंग को युद्ध रोकने में मदद करनी थी। चीन अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है।
 

बता दें कि चीन क्वाड ग्रुप को लेकर चिंतित है जिससे अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया जुड़े हुए हैं। चीन ने कई मौके पर इस ग्रुप को नाटो का एशियाई मॉडल या दक्षिण एशियाई नाटो बताया है। हालांकि क्वाड ने लगातार कहा है कि यह ग्रुप सुरक्षा संबंधों को लेकर नहीं है। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड और साउथ कोरिया पहली बार नाटो बैठक में भाग लेंगे। इन्हीं कारणों से चीन नाटो को लेकर चिंतित है।

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