Edited By Tanuja,Updated: 22 Feb, 2026 06:54 PM

ऑस्ट्रेलिया की HMAS Toowoomba ने 20–21 फरवरी को ताइवान स्ट्रेट से ट्रांजिट किया, जिस पर चीन की PLA ने कड़ी निगरानी रखने का दावा किया। बीजिंग इसे अपना क्षेत्रीय जल मानता है, जबकि अमेरिका और सहयोगी देश इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग बताते हैं।
International Desk: अमेरिका के सहयोगी देश ऑस्ट्रेलिया की एक युद्धपोत ने 20–21 फरवरी को ताइवान स्ट्रेट से गुजरते हुए ट्रांजिट किया, जिस पर चीनी सेना ने कड़ी निगरानी रखने का दावा किया है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, Royal Australian Navy की Anzac-क्लास फ्रिगेट HMAS Toowoomba के पूरे मार्ग पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने “फुल-प्रोसेस ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग” की। चीनी सैन्य सूत्रों ने सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स को बताया कि जहाज़ की आवाजाही के दौरान सतर्कता अभियान चलाया गया। बीजिंग ताइवान स्ट्रेट को अपना क्षेत्रीय जल मानता है, जबकि ताइवान इस दावे का विरोध करता है।
दिसंबर 2025 में Taipei Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष आठ देशों अमेरिका, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, वियतनाम, ब्रिटेन और फ्रांस—ने ताइवान स्ट्रेट से अपने सैन्य जहाज़ों को गुजारा। ताइवान की राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो के महानिदेशक त्साई मिंग-येन ने कहा था कि अमेरिका-यूके और कनाडा-ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त नौसैनिक अभियानों का भी आयोजन हुआ। इससे पहले 16-17 जनवरी को अमेरिकी 7वें बेड़े के अनुसार USS John Finn और USNS Mary Sears ने भी ताइवान स्ट्रेट से ट्रांजिट किया था।
अमेरिकी नौसेना ने कहा था कि यह मार्ग किसी भी तटीय राज्य के क्षेत्रीय जल से परे अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारे में आता है और यह नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांत के अनुरूप है। दिसंबर 2025 में चीनी सेना People's Liberation Army और चीन कोस्ट गार्ड ने ताइवान के आसपास “जस्टिस मिशन” नामक अभ्यास भी किया था, जिसे बीजिंग ने अपनी नाकेबंदी और विदेशी हस्तक्षेप का मुकाबला करने की क्षमता के प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत किया। ताइवान स्ट्रेट लंबे समय से अमेरिका-चीन के बीच रणनीतिक तनाव का केंद्र रहा है, जहां हर सैन्य ट्रांजिट क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित करता है।