Edited By Tanuja,Updated: 21 Jan, 2026 07:25 PM

यूरोपीय संघ की संसद ने मर्कोसुर देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते को लेकर कानूनी आपत्तियां जताते हुए उसे यूरोप की सर्वोच्च अदालत भेजने का फैसला किया है। सांसदों का कहना है कि समझौता यूरोपीय संधियों के अनुरूप है या नहीं, इसकी न्यायिक समीक्षा...
International Desk: यूरोपीय संघ (EU) के सांसदों ने दक्षिण अमेरिकी देशों के ‘मर्कोसुर' समूह के साथ एक महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौते को रोकने के लिए बुधवार को मतदान किया। यूरोपीय संघ के सांसदों ने इस समझौते की वैधता को लेकर चिंताएं व्यक्त की थीं। फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में हुए मतदान में सांसदों ने यूरोपीय संघ-मर्कोसुर समझौते को यूरोप की सर्वोच्च अदालत में भेजने के प्रस्ताव को मामूली अंतर से मंजूरी दे दी, ताकि यह फैसला किया जा सके कि यह समझौता यूरोपीय संघ की संधियों के अनुरूप है या नहीं।
तदान के दौरान 334 सांसदों ने समझौते की कानूनी समीक्षा के पक्ष में जबकि 324 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया, जबकि 11 सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया। यह बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता शनिवार को लागू हो गया। इसका उद्देश्य विश्व भर में बढ़ते संरक्षणवाद और व्यापारिक तनावों के मद्देनजर वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करना है। मर्कोसुर (दक्षिणी साझा बाजार) लातिन अमेरिका में एक क्षेत्रीय व्यापारिक समूह है, जिसकी स्थापना शुरू में अर्जेंटीना, ब्राजील, पैराग्वे और उरुग्वे द्वारा की गई थी तथा बाद में वेनेज़ुएला एवं बोलीविया भी इसमें शामिल हो गए। इसकी स्थापना वर्ष 1991 में सदस्य देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और लोगों की मुक्त आवाजाही को बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ की गई थी।