Edited By Pardeep,Updated: 23 Sep, 2026 05:38 AM

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में हिस्सा लेने न्यूयोर्क पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एयरपोर्ट से लेकर सड़कों तक भारी फजीहत का सामना करना पड़ा है। न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर उतरने पर न तो उनके लिए रेड कार्पेट बिछाया गया और...
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में हिस्सा लेने न्यूयोर्क पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एयरपोर्ट से लेकर सड़कों तक भारी फजीहत का सामना करना पड़ा है। न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर उतरने पर न तो उनके लिए रेड कार्पेट बिछाया गया और न ही कोई वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी उनके स्वागत के लिए पहुंचा। इसके साथ ही न्यूयॉर्क की सड़कों पर उनके खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन और पोस्टरों की बाढ़ आ गई है।
सड़कों पर लगे 'चोर आया' और 'फॉर्म 47 सरकार' के पोस्टर
एयरपोर्ट पर हुई उपेक्षा के बाद न्यूयोर्क के पेन स्टेशन (Penn Station) के बाहर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने क्षेत्र को पोस्टरों से पाट दिया। विरोधियों ने सड़कों पर ऐसे पोस्टर चिपकाए हैं जिनमें शहबाज शरीफ को 'चोर' और 'चेरी पॉलिश' कहकर संबोधित किया गया है तथा फर्जी जनादेश से बनी 'फॉर्म 47' सरकार को नामंजूर बताया गया है। इसके अलावा पीटीआई समर्थक पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई और देश में चल रहे दमन के खिलाफ भी नारेबाजी कर रहे हैं।
12 अरब के निजी जेट विवाद ने घेरा
आर्थिक बदहाली, महंगाई और भारी कर्ज से जूझ रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के इस दौरे पर महंगे विमान विवाद का साया भी मंडरा रहा है। पोस्टरों पर उस आलीशान विमान की तस्वीर छापी गई है, जिसे इस साल फरवरी में पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ के लिए करीब 12 अरब पाकिस्तानी रुपये में खरीदा गया था। विरोधियों का कहना है कि जहां देश की राष्ट्रीय एयरलाइन पीआईए (PIA) की बोली महज 10 अरब रुपये के आसपास लग रही है, वहीं हुक्मरान जनता के पैसे से 12 अरब रुपये का निजी जेट उड़ा रहे हैं।
'टॉयलेट पेपर' वाले बयान की चर्चा
इस मौके पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस पुराने बयान की भी फिर से चर्चा होने लगी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका पाकिस्तान को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल करके फेंक देता है। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान को महत्व देंगे, लेकिन न्यूयॉर्क पहुंचे पाकिस्तानी पीएम की इस उपेक्षा और विरोध प्रदर्शनों के बाद यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनयिकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।