Edited By Pardeep,Updated: 26 Feb, 2026 11:46 PM

रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशें तेज़ हो रही थीं, तभी रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला कर दिया। एक तरफ अमेरिका और यूक्रेन के प्रतिनिधि स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में शांति और पुनर्निर्माण पर चर्चा कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर रूस ने...
इंटरनेशनल डेस्कः रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशें तेज़ हो रही थीं, तभी रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला कर दिया। एक तरफ अमेरिका और यूक्रेन के प्रतिनिधि स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में शांति और पुनर्निर्माण पर चर्चा कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर रूस ने सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें दागकर तबाही मचा दी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने एक ही रात में 420 ड्रोन और 39 मिसाइलें दागीं। इनमें 11 बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं। कुल मिलाकर यह हमला 459 हवाई हथियारों का था, जिसे युद्ध के सबसे बड़े हमलों में गिना जा रहा है।
8 इलाकों में बिजली-गैस ठप, रिहायशी इलाके बने निशाना
जेलेंस्की ने बताया कि रूसी हमलों में यूक्रेन के आठ अलग-अलग क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। बिजली स्टेशन, गैस पाइपलाइन और आम लोगों के घरों को भारी नुकसान पहुंचा। कई शहरों में अंधेरा छा गया और गैस सप्लाई बाधित हो गई। इस हमले में बच्चों समेत दर्जनों नागरिक घायल हुए हैं। यूक्रेन की वायुसेना ने दावा किया कि उसने ज्यादातर ड्रोन और मिसाइलें हवा में ही मार गिराईं, लेकिन इतने बड़े हमले को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं था।
रूस का पलटवार: हमारे ठिकानों पर हमला करने आए 17 ड्रोन गिराए
रूस के रक्षा मंत्रालय ने भी जवाबी बयान जारी किया। मॉस्को का कहना है कि यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन रूसी एयर डिफेंस ने 17 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।
जिनेवा में शांति बैठक, लेकिन ज़मीन पर बमबारी
रूसी हमले का समय बेहद अहम माना जा रहा है। उसी वक्त जिनेवा में अमेरिका की ओर से डोनाल्ड ट्रंप के करीबी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर, यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद प्रमुख रुस्तम उमेरोव के साथ बैठक कर रहे थे। इस बातचीत का मकसद युद्ध के बाद यूक्रेन के पुनर्निर्माण की योजना और अगले हफ्ते रूस के साथ संभावित त्रिपक्षीय वार्ता की रूपरेखा तैयार करना था।
पुतिन से आमने-सामने बात चाहते हैं जेलेंस्की
जेलेंस्की ने साफ कहा है कि युद्ध का समाधान तभी निकलेगा, जब उनकी सीधी बातचीत रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होगी। हालांकि क्रेमलिन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और कहा है कि अगर जेलेंस्की बात करना चाहते हैं तो वे मॉस्को आ सकते हैं। यूक्रेन ने इस विकल्प को अस्वीकार कर दिया है।
यूक्रेन का आरोप: शांति की बात, लेकिन हमले और तेज़
यूक्रेन ने रूस पर शांति वार्ता का नाटक करने का आरोप लगाया है। यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा कि जब पूरी दुनिया युद्ध रोकने की अपील कर रही है, तब रूस और ज्यादा आक्रामक हो गया है। उनका कहना है कि रूस केवल अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए बातचीत का दिखावा कर रहा है, जबकि हकीकत में वह हमले लगातार तेज कर रहा है।
रूस बोला: जंग खत्म करने की कोई समय-सीमा नहीं
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने साफ कर दिया है कि युद्ध खत्म करने को लेकर रूस पर कोई दबाव काम नहीं करेगा। जब उनसे युद्ध रोकने की डेडलाइन पूछी गई तो उन्होंने कहा,
“क्या आपने कभी हमसे कोई समय-सीमा सुनी है? हमारी कोई डेडलाइन नहीं है।”
लावरोव ने यह भी संकेत दिया कि रूस यूक्रेन के उत्तरी डोनेस्क इलाके पर पूरा नियंत्रण पाने की मांग से पीछे हटने वाला नहीं है।