Edited By Tanuja,Updated: 23 Feb, 2026 11:34 AM

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को वर्कर्स पार्टी के महासचिव पद पर फिर चुना गया। पार्टी कांग्रेस में परमाणु शस्त्रागार मजबूत करने और सैन्य लक्ष्यों को तेज करने के संकेत मिले। अमेरिका और दक्षिण कोरिया से तनाव के बीच किम चीन-रूस संबंधों और...
International Desk: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के शीर्ष पद पर फिर से निर्वाचित किया गया है। सरकारी मीडिया ने सोमवार को बताया कि प्रतिनिधियों ने देश के परमाणु शस्त्रागार को मजबूत करने और क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने का श्रेय किम को दिया। गत बृहस्पतिवार से शुरू हुई पार्टी कांग्रेस में किम अगले पांच वर्षों के लिए अपने प्रमुख राजनीतिक और सैन्य लक्ष्यों की रूपरेखा पेश कर सकते हैं। संकेत मिल रहे हैं कि वह परमाणु कार्यक्रम को और तेज करने पर जोर देंगे। उत्तर कोरिया के पास पहले से ही ऐसी मिसाइल मौजूद हैं जो एशिया में अमेरिकी सहयोगियों और अमेरिकी मुख्य भूमि तक को निशाना बना सकती हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि किम पारंपरिक सैन्य बलों को मजबूत करने और उन्हें परमाणु क्षमताओं के साथ एकीकृत करने के नए लक्ष्य घोषित कर सकते हैं। साथ ही वह चीन के साथ व्यापार में सुधार और रूस को हथियार निर्यात से मिली आर्थिक बढ़त के बीच ''आत्मनिर्भरता'' अभियान पर भी पुन: जोर दे सकते हैं। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बताया कि हजारों प्रतिनिधियों की ''एकमत इच्छा'' से किम को पार्टी का महासचिव चुना गया। वर्ष 2016 से हर पांच वर्ष में आयोजित इस कांग्रेस में शीर्ष नेता का चुनाव होता है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि किम दक्षिण कोरिया के प्रति अपने कड़े रुख को और संस्थागत रूप दे सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 2019 में वार्ता विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया का अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ कूटनीतिक संवाद ठप है। किम ने दक्षिण कोरिया को 2024 में स्थायी दुश्मन घोषित कर संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया था।