Edited By Tanuja,Updated: 10 May, 2026 03:01 PM

Iran के खार्ग द्वीप के पास फारस की खाड़ी में बड़ा तेल रिसाव मिला है। सैटेलाइट तस्वीरों में 20 वर्ग मील तक फैला ऑयल स्लिक दिखाई दिया। रिपोर्ट के मुताबिक 3,000 बैरल से ज्यादा तेल समुद्र में बह सकता है। इससे क्षेत्रीय तनाव और पर्यावरणीय चिंता बढ़ गई है।
International Desk: ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) के पास फारस की खाड़ी में बड़ा तेल रिसाव (ऑयल स्लिक) पाए जाने से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर सामने आई रिपोर्ट के अनुसार यह रिसाव ईरान की तेल अवसंरचना पर बढ़ते दबाव और क्षेत्रीय तनाव के बीच हुआ है। The New York Times की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपियन स्पेस एजेंसी के कोपरनिकस सेंटिनल-2 (Copernicus Sentinel-2) सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में खार्ग द्वीप के पश्चिमी तट के पास समुद्र में फैला बड़ा ऑयल स्लिक दिखाई दिया। ऑर्बिटल EOS नामक वैश्विक मॉनिटरिंग एजेंसी के अनुमान के अनुसार यह तेल रिसाव 20 वर्ग मील से अधिक क्षेत्र में फैल चुका है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 3,000 बैरल से ज्यादा कच्चा तेल फारस की खाड़ी के पानी में बह गया हो सकता है। हालांकि रिसाव की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, Strait of Hormuz के आसपास जारी तनाव और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के कारण ईरान की तेल एवं गैस अवसंरचना पर भारी दबाव बढ़ गया है। समुद्री मार्गों पर प्रतिबंध और जहाजों की आवाजाही रुकने से कई तेल टैंकर फंसे हुए हैं, जिससे ईरान के तेल भंडारण केंद्रों और ऑफशोर टर्मिनलों पर अतिरिक्त दबाव पैदा हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसी कारण रिसाव और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा है।
सऊदी अरब की ओर बढ़ता दिखा तेल
रिपोर्ट में कहा गया कि गुरुवार दोपहर तक तेल का यह विशाल धब्बा दक्षिण दिशा में बहता हुआ Saudi Arabia के समुद्री क्षेत्र की ओर बढ़ता दिखाई दिया, जिससे पर्यावरणीय संकट की आशंका और गहरा गई है। अब तक ईरानी सरकारी मीडिया ने इस तेल रिसाव पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है और ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी टिप्पणी करने से इनकार किया है।
ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम खार्ग
खार्ग द्वीप ईरान की तेल अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। यहां देश का सबसे बड़ा ऑयल टर्मिनल, विशाल स्टोरेज टैंक, पाइपलाइन नेटवर्क और निर्यात सुविधाएं मौजूद हैं। वर्तमान भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह ईरान की ऊर्जा आय का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।
फिर शुरू हो सकती अमेरिका-ईरान वार्ता
इस बीच The Wall Street Journal की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच अगले सप्ताह Islamabad में फिर बातचीत शुरू हो सकती है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष 14 बिंदुओं वाले एक समझौता ज्ञापन (MoU) के मसौदे पर मध्यस्थों के जरिए काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव तेजी से बढ़ा था और इसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई।