Edited By Tanuja,Updated: 27 May, 2025 01:19 PM

सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो ने फ्रांस की सियासत और मीडिया में हलचल मचा दी है। वीडियो में फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिगिट मैक्रों को अपने...
Paris:सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो ने फ्रांस की सियासत और मीडिया में हलचल मचा दी है। वीडियो में फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिगिट मैक्रों को अपने पति राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को विमान से उतरने से ठीक पहले दोनों हाथों से चेहरे की ओर धक्का देते हुए दिखाया गया है। इस क्लिप के सामने आते ही चर्चा शुरू हो गई क्या यह कोई थप्पड़ था , कोई घरेलू झगड़ा या फिर बस मजाक ?
क्या है मामला
यह घटना वियतनाम की राजधानी हनोई में घटी, जब राष्ट्रपति मैक्रों आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे थे। विमान के दरवाजे खुलते ही कैमरे ऑन हो गए, और उसी क्षण यह अजीबो-गंभीर दृश्य कैमरे में कैद हो गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी-अपनी व्याख्याएं शुरू कर दीं, वहीं कुछ समाचार वेबसाइटों ने सनसनीखेज हेडलाइनों से इस खबर को हवा दी। उदाहरण के लिए, प्रसिद्ध फ्रांसीसी अखबार ले पेरिसियन की वेबसाइट पर हेडलाइन थी “थप्पड़ या झगड़ा?”
राष्ट्रपति मैक्रोंबोले “हम मज़ाक कर रहे थे”
बवाल बढ़ता देख, खुद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रेस से बात की और स्पष्ट किया कि यह कोई झगड़ा नहीं था। उन्होंने कहा कि “हम झगड़ नहीं रहे थे। मैं अपनी पत्नी के साथ मज़ाक कर रहा था। यह एक निजी और हल्का-फुल्का क्षण था, जिसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया जा रहा है।”उन्होंने कहा कि इस तरह के वीडियो को गलत तरीके से फैलाना अनुचित है । उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ रूसी नेटवर्क और चरमपंथी समूह जानबूझकर उनके निजी पलों को तोड़-मरोड़कर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं।
एलिसी पैलेस और अन्य मीडिया की प्रतिक्रिया
फ्रांस के राष्ट्रपति भवन एलिसी पैलेस ने भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो को संदर्भ से हटकर प्रस्तुत किया गया है। यह एक सामान्य निजी बातचीत का हिस्सा था, जिसे सनसनीखेज तरीके से दिखाया गया।वीडियो क्लिप को लेकर सोशल मीडिया पर लोग खुलकर अपनी राय दे रहे हैं। कुछ इसे एक आम पति-पत्नी के बीच का हास्यजनक पल बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने इसे 'राष्ट्रपति की गरिमा से जुड़ा मामला' करार दिया।
वियतनाम यात्रा का उद्देश्य
यह वीडियो भले ही सुर्खियों में है, लेकिन इसका मकसद राष्ट्रपति मैक्रों की महत्वपूर्ण कूटनीतिक यात्रा से ध्यान भटकाना भी हो सकता है। मैक्रों दक्षिण-पूर्व एशिया में फ्रांस की भूमिका को मजबूत करने के लिए वियतनाम पहुंचे हैं। यह किसी फ्रांसीसी राष्ट्रपति की एक दशक बाद वियतनाम की पहली आधिकारिक यात्रा है।
थप्पड़ या मज़ाक?
इस बहस ने एक निजी पल को अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है। लेकिन राष्ट्रपति मैक्रों की सफाई और एलिसी पैलेस के बयान से साफ हो जाता है कि यह मुद्दा तथ्यों से ज्यादा कल्पनाओं पर आधारित है। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि कैसे एक छोटा वीडियो क्लिप वैश्विक स्तर पर गलतफहमियों को जन्म दे सकता है।