Edited By Mansa Devi,Updated: 17 Apr, 2026 04:28 PM

होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध आवागमन के मुद्दे पर फ्रांस और ब्रिटेन के नेता शुक्रवार को कई अन्य देशों के साथ शिखर सम्मेलन करेंगे। हालांकि इसमें अमेरिका शामिल नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल युद्ध के...
इंटरनेशनल डेस्क: होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध आवागमन के मुद्दे पर फ्रांस और ब्रिटेन के नेता शुक्रवार को कई अन्य देशों के साथ शिखर सम्मेलन करेंगे। हालांकि इसमें अमेरिका शामिल नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल युद्ध के कारण इस मार्ग से जहाजों का आवागमन बाधित है। पेरिस में होने वाली यह बैठक उन देशों के प्रयासों का हिस्सा है जो उस संघर्ष के प्रभाव को कम करना चाहते हैं, जिसे उन्होंने न तो शुरू किया और न ही उसमें शामिल हुए लेकिन इसके कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने इस संकरे जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था।
अमेरिका इस 'होर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री नौवहन स्वतंत्रता पहल' नाम की योजना का हिस्सा नहीं है। शुक्रवार को होने वाले सम्मेलन से पहले सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए बनाया गया मिशन ''पूरी तरह से रक्षात्मक'' होगा, जो केवल गैर-युद्धरत देशों तक सीमित होगा और ''सुरक्षा की स्थिति अनुकूल होने पर'' ही तैनात किया जाएगा। मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने ईरान पर राजनयिक और आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व किया है।
स्टार्मर ने ईरान पर ''विश्व की अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने'' का आरोप लगाया है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की कार्रवाई के जवाब में ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी की घोषणा ने आर्थिक संकट को और भी बढ़ा दिया है। बैठक से पहले स्टार्मर ने कहा, ''जलडमरूमध्य को बिना शर्त और तुरंत फिर से खोलना एक वैश्विक जिम्मेदारी है और हमें वैश्विक ऊर्जा के आवागमन और व्यापार को फिर से स्वतंत्र रूप से सुगम बनाने के लिए कार्रवाई करने की आवश्यकता है।''