Edited By Pardeep,Updated: 05 Jun, 2026 09:54 PM

केरल में मानसून की मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। आसमान से बरसती आफत और तेज हवाओं के चलते राज्य के कई हिस्सों में भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं।
तिरुवनंतपुरम/वायनाड: केरल में मानसून की मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। आसमान से बरसती आफत और तेज हवाओं के चलते राज्य के कई हिस्सों में भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है और कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिए गए हैं।
6 जून को शिक्षण संस्थानों में 'तालाबंदी'
भारी बारिश की चेतावनी के बीच वायनाड और कासरगोड के जिला कलेक्टरों ने शनिवार, 6 जून को सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी का एलान कर दिया है। इस आदेश के तहत प्रोफेशनल कॉलेज, ट्यूशन सेंटर, मदरसा, केंद्रीय विद्यालय और धार्मिक कक्षाएं भी बंद रहेंगी। हालांकि, आवासीय स्कूलों (Residential Schools) को इस आदेश से छूट दी गई है। इसी तरह, कोझिकोड प्रशासन ने भी रेड अलर्ट के मद्देनजर स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है।
सड़कों पर समंदर, घरों की छतें उड़ीं
बारिश का कहर इस कदर बरपा है कि कोच्चि नगर निगम के निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया है, जिसके खिलाफ स्थानीय लोगों ने निगम कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया। कोझिकोड में तेज हवाओं ने मकानों की छतों को नुकसान पहुंचाया और पेड़ों की टहनियां गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कई इलाकों में दीवारें गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि किसी की जान नहीं गई।
ट्रेकिंग और पहाड़ी रास्तों पर सफर प्रतिबंधित
खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने वायनाड, कोझिकोड और कासरगोड जिलों में पर्यटकों के ट्रेकिंग स्पॉट पर जाने और पहाड़ी रास्तों पर रात के सफर को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इसके साथ ही उत्खनन (Quarrying) गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है।
क्या कहता है मौसम विभाग?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले सप्ताहांत में बारिश और भी विकराल रूप ले सकती है:
- रेड अलर्ट: मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों में रविवार तक के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि 24 घंटे में 20 सेमी से अधिक बारिश हो सकती है।
- ऑरेंज अलर्ट: एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़ और कन्नूर समेत 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है।
- तेज हवाएं: कई इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें।