नेपाल बाढ़ : ऊपरी त्रिशूली-1 सुरंग से 6 शव बरामद, करीब 6100 लोग अब भी लापता

Edited By Updated: 18 Sep, 2026 05:14 PM

nepal floods around 6100 people still missing

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटेन से भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया। इस आपदा में बृहस्पतिवार तक कम से कम 1,410 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।

काठमांडू : नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई भयावह बाढ़ से प्रभावित ऊपरी त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना की सुरंग से शुक्रवार को छह शव बरामद किये गए। नेपाली सेना ने यह जानकारी दी। नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से अबतक 1,400 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि करीब 6,100 लोग अब भी लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है। नेपाली सेना ने बताया कि सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने नुवाकोट जिले में ऊपरी त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना स्थल पर ऑडिट-3 टनल से शव बरामद किए। 

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटेन से भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया। इस आपदा में बृहस्पतिवार तक कम से कम 1,410 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 6,145 लोग लापता बताए गए हैं। खोज और बचाव दलों ने अब तक प्रभावित इलाकों से 13,756 से अधिक लोगों को बचाया है। नेपाल के सेना मुख्यालय ने बताया कि ऊपरी त्रिशूली-1 परियोजना की सुरंग में कंक्रीट के काम के लिए तैयार स्टील की जाली में शव फंसे हुए मिले। उन्हें निकालने के लिए टीम ने ग्राइंडर, गैस कटर और अन्य बचाव उपकरणों का इस्तेमाल किया।

कीचड़ के नीचे और भी शव दबे होने की आशंका
उसने बताया कि खोज अभियान जारी है क्योंकि बचाव कर्मियों को सुरंग के अंदर कीचड़ के नीचे और भी शव दबे होने की आशंका है। इससे पहले, विदेशी तकनीशियनों से युक्त एक संयुक्त टीम लापता कर्मचारियों की तलाश के लिए परियोजना की मुख्य प्रवेश सुरंग में करीब 400 मीटर अंदर तक पहुंचने में सफल हुई थी। नेपाली सेना ने बताया कि रसुवागढ़ी, रसुवा भोटेकोशी, लांगटांग, त्रिशूली-3ए और ऊपरी त्रिशूली-3बी समेत कई अन्य जलविद्युत परियोजनाओं में भी तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। 

चिलीमे जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग से बुधवार को पांच शव बरामद किए गए। यह सफलता भारतीय और नेपाली बचाव दलों ने गाद और मलबे को हटाकर जमीन के नीचे बने बिजली केंद्र तक पहुंचने के बाद प्राप्त की। हालांकि, इस दौरान कोई जीवित नहीं मिला। इस बीच, मकावानपुर के जिला प्रशासन कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी संतोष सुबेदी ने जानकारी दी है कि हेटौडा को काठमांडू से जोड़ने वाले दो मुख्य सड़कों त्रिभुवन और कांति राजमार्ग पर शुक्रवार से दोनों तरफ से यातायात बहाल कर दिया गया। यह कदम धदिंग जिले में पृथ्वी राजमार्ग के कृष्णाभीर खंड पर यातायात को बहाल करने के बाद उठाया गया। ये मार्ग 26 अगस्त को आई बाढ़ के कारण बाधित हो गए थे।


 

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