नेतन्याहू का कड़ा रुख: अमेरिका का गुलाम देश नहीं, सुरक्षा का फैसला खुद करेंगे

Edited By Updated: 22 Oct, 2025 08:09 PM

netanyahu says israel is not a us protectorate

नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजराइल अमेरिका का संरक्षित देश नहीं है और अपनी सुरक्षा स्वयं तय करेगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस के साथ गाजा युद्धविराम पर चर्चा हुई। इजराइल ने दो और बंधकों के शवों की पहचान की। गाजा में 54 फलस्तीनियों को दफनाने की तैयारी...

International Desk: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से गाजा युद्धविराम समझौते की प्रगति पर चर्चा से पहले कहा कि इजराइल अमेरिका का संरक्षित देश नहीं है और अपनी सुरक्षा का निर्णय स्वयं करेगा। उनका यह बयान जनता में यह आशंका कम करने के उद्देश्य से आया कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की उपस्थिति इजराइल की हमले की क्षमता को सीमित कर सकती है। वेंस ने बैठक से पहले कहा कि हमास को निरस्त्र करना और गाजा का पुनर्निर्माण करना चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा बल की संरचना पर विचार-विमर्श चल रहा है और उन्होंने तुर्की और इंडोनेशिया जैसी देशों से सैनिकों की तैनाती की उम्मीद जताई।

 

इजराइल ने दो और बंधकों के शवों की पहचान कर ली है। रेड क्रॉस द्वारा सौंपे गए शव एरी ज़लमानोविच और तामीर अदार के हैं, जो 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए हमले में मारे गए थे। युद्धविराम के बाद अब तक 15 बंधकों के अवशेष इजराइल को लौटाए जा चुके हैं, जबकि 13 बंधकों को अब भी सौंपना बाकी है। साथ ही, गाजा के दीर अल बलाह कब्रिस्तान में 54 फलस्तीनियों को दफनाया जाएगा। दफनाने से पहले शवों को खान यूनिस स्थित नासिर अस्पताल के बाहर प्रदर्शित किया गया। बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और पश्चिम एशिया के लिए अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ भी शामिल थे।

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