Edited By Tanuja,Updated: 01 Apr, 2026 06:27 PM

चीन के शहर उरुमकी में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन के अधिकारी त्रिपक्षीय बैठक कर रहे हैं। यह हालिया तनाव और सैन्य कार्रवाई के बाद पहली अहम बातचीत है। बैठक में आतंकवाद, सीमा विवाद और व्यापार बहाली जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
Bejing: चीन के शहर उरुमकी में आज पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन के अधिकारियों की एक अहम बैठक हो रही है। यह बैठक तीनों देशों के बीच चल रहे त्रिपक्षीय तंत्र के तहत आयोजित की गई है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब हाल ही में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। पाकिस्तान ने 26 फरवरी को “ऑपरेशन गज़ब-उल-हक” चलाया था, जिसमें उसने अफगानिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था।
रिपोर्ट के अनुसार, यह बैठक किसी औपचारिक मध्यस्थता (mediation) के लिए नहीं है, बल्कि हालात को समझने और अपने-अपने पक्ष रखने के लिए की जा रही है। हालांकि, चीन दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। चीन चाहता है कि दोनों देश व्यापार मार्ग फिर से खोलें और तनाव कम करने के लिए छोटे-छोटे कदम उठाएं। बैठक में मुख्य रूप से आतंकवाद का मुद्दा भी उठाया जा रहा है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगा रहा है कि Tehreek-i-Taliban Pakistan (TTP) के आतंकी अफगानिस्तान में छिपे हैं। वहीं चीन को East Turkestan Islamic Movement से खतरा है, जिसके नेटवर्क अफगानिस्तान में सक्रिय बताए जाते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अफगान पक्ष इस बार इन मुद्दों पर गंभीर बातचीत के लिए तैयार दिख रहा है और कुछ ठोस तंत्र (mechanism) बनाने पर भी चर्चा हो सकती है।इस बैठक में पाकिस्तान की ओर से विदेश मंत्रालय के अधिकारी, सैन्य और खुफिया अधिकारी शामिल हैं, जबकि अफगानिस्तान की ओर से गृह, विदेश मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बातचीत अभी शुरुआती स्तर की है, लेकिन अगर इससे भरोसा बढ़ता है तो भविष्य में बड़े समझौते की राह खुल सकती है।