Edited By Tanuja,Updated: 22 Mar, 2026 04:46 PM

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच यूएई, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी समेत 22 देशों ने ईरान के खिलाफ संयुक्त बयान जारी किया। इन देशों ने जहाजों पर हमलों और जलमार्ग बंद करने की कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन और तत्काल कार्रवाई रोकने...
International Desk: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी समेत 22 देशों ने ईरान के खिलाफ एकजुट होकर बड़ा मोर्चा खोल दिया है। इन देशों ने संयुक्त बयान जारी कर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों और जलमार्ग को बंद करने की कोशिशों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। संयुक्त बयान में कहा गया कि ईरान द्वारा कमर्शियल जहाजों, तेल-गैस प्रतिष्ठानों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाना पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। देशों ने ईरान से तुरंत मिसाइल, ड्रोन हमले और समुद्र में माइंस बिछाने जैसी गतिविधियां रोकने की मांग की।
इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि के तहत नेविगेशन की स्वतंत्रता को एक मौलिक अधिकार बताते हुए सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपील की। साथ ही अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल जारी करने के फैसले का स्वागत किया गया, ताकि ऊर्जा बाजार को स्थिर रखा जा सके। इन देशों ने यह भी कहा कि वे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने और संकट से प्रभावित देशों की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर काम करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट अब वैश्विक मुद्दा बन चुका है और अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।