Edited By Tanuja,Updated: 03 Jan, 2026 06:44 PM

रूस ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के कथित “अपहरण” की खबरों पर गहरी चिंता जताई है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो यह किसी संप्रभु देश की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ होगा।
International Desk: वेनेजुएला संकट पर वैश्विक राजनीति और गर्मा गई है। रूस ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के कथित “अपहरण” की खबरों को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कड़ा बयान जारी किया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि मादुरो को जबरन हिरासत में लिया गया या देश से बाहर ले जाया गया है, तो यह वेनेजुएला की संप्रभुता का अस्वीकार्य उल्लंघन होगा। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, “इस तरह की कार्रवाइयां, यदि वास्तव में हुई हैं, तो यह एक स्वतंत्र राष्ट्र की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन होंगी। संप्रभुता का सम्मान अंतरराष्ट्रीय कानून का मूल सिद्धांत है।”
रूस ने मांगा स्पष्टीकरण
मास्को ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्पष्ट जानकारी और आधिकारिक पुष्टि की मांग की है कि मादुरो के साथ वास्तव में क्या हुआ। रूस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सवाल उठा सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका-वेनेजुएला टकराव में अब रूस के इस सख्त रुख से मामला केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक टकराव की ओर बढ़ सकता है। पहले ही यूरोपीय संघ, अमेरिका और लैटिन अमेरिकी देश इस संकट पर अलग-अलग रुख अपना चुके हैं।यदि मादुरो के अपहरण या गिरफ्तारी की खबरों की पुष्टि होती है, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और वैश्विक शक्ति संतुलन पर गंभीर असर डाल सकती है।