Edited By Tanuja,Updated: 28 Apr, 2026 07:39 PM

स्विट्जरलैंड की अदालत ने उज़्बेकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति Islam Karimov की बेटी Gulnara Karimova के खिलाफ भ्रष्टाचार केस खारिज कर दिया। वजह—वह अपने देश में जेल में हैं और सुनवाई में शामिल नहीं हो सकीं, जबकि केस समयसीमा (limitation) भी पार कर गया।
International Desk: स्विट्जरलैंड के बेलिनज़ोना (Bellinzona) शहर की एक अदालत ने एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने उज़्बेकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति इस्लाम करीमोव की बेटी गुलनारा करीमोवा के खिलाफ चल रहा मुकदमा खारिज कर दिया। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग और रिश्वतखोरी से जुड़ा था, जिसमें सैकड़ों मिलियन डॉलर के लेन-देन और “The Office” नाम के कथित आपराधिक नेटवर्क की जांच हो रही थी। यह ट्रायल 22 मई तक चलने वाला था, लेकिन शुरू होने के एक दिन बाद ही इसे समाप्त कर दिया गया।
अदालत ने कहा कि करीमोवा फिलहाल अपने देश उज़्बेकिस्तान में जेल में हैं और वहां की सरकार ने साफ कर दिया है कि उनकी सजा दिसंबर 2028 तक पूरी होगी। ऐसे में उन्हें स्विट्जरलैंड लाकर सुनवाई में शामिल कराना संभव नहीं था। इसी कारण अदालत ने माना कि बिना आरोपी की मौजूदगी के ट्रायल आगे नहीं बढ़ सकता।इसके अलावा, जज ने यह भी कहा कि इस मामले में लगाए गए आरोप अब “statute of limitations” यानी कानूनी समयसीमा से बाहर हो चुके हैं, इसलिए केस को आगे जारी रखना संभव नहीं है। गौरतलब है कि करीमोवा को उज़्बेकिस्तान में 2015 में दोषी ठहराया गया था। शुरुआत में उन्हें घर में नजरबंद रखा गया, लेकिन 2019 में नियम तोड़ने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
फिलहाल वह 13 साल की सजा काट रही हैं, जिसमें संगठित अपराध, जबरन वसूली और गबन जैसे आरोप शामिल हैं। हालांकि, यह मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। स्विस प्राइवेट बैंक Lombard Odier और उसके एक पूर्व कर्मचारी के खिलाफ ट्रायल अभी जारी रहेगा। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि बैंक ने इस कथित घोटाले से जुड़े पैसे को छिपाने में अहम भूमिका निभाई। बैंक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह मामला सिर्फ “संगठनात्मक कमियों” से जुड़ा है, न कि सीधे मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने से।