वेंस की डिप्लोमेसी आई काम: बेशक बातचीत नाकाम फिर भी बढ़ा भरोसा, अमेरिका-ईरान रिश्तों में जगी नई उम्मीद !

Edited By Updated: 13 Apr, 2026 03:46 PM

talks led by vance created an atmosphere of harmony with iran report

J. D. Vance की अगुवाई में Iran से 21 घंटे चली वार्ता भले असफल रही, लेकिन इससे दोनों पक्षों के बीच विश्वास बढ़ा। Donald Trump को उम्मीद है कि दबाव के बीच ईरान भविष्य में समझौते के करीब आ सकता है।

Washington: अमेरिका (United States) और ईरान (Iran) के बीच इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत भले ही किसी समझौते पर खत्म नहीं हुई, लेकिन इससे दोनों देशों के बीच माहौल पहले से बेहतर हुआ है। करीब 21 घंटे तक चली इस वार्ता का नेतृत्व J. D. Vance ने किया। रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के प्रतिनिधि एक-दूसरे के साथ सहज हो गए और कई मुद्दों पर समझ भी बनी। हालांकि सबसे बड़ा और अहम मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब भी दोनों के बीच मतभेद का कारण बना हुआ है।

 

 डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने भी माना कि बातचीत अंत में “दोस्ताना” माहौल में पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि लगभग हर मुद्दे पर प्रगति हुई, लेकिन ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षा छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। अमेरिका की मुख्य मांग है कि ईरान भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार विकसित न करे और अपनी परमाणु संवर्धन क्षमता पूरी तरह खत्म कर दे। दूसरी तरफ, ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह अपनी क्षमता पूरी तरह छोड़ने को तैयार नहीं है।

 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच कई गलतफहमियां दूर हुईं और संवाद बेहतर हुआ। इससे भविष्य में समझौते की उम्मीद बनी हुई है। अमेरिका का मानना है कि Strait of Hormuz पर दबाव बढ़ाकर, जैसे नाकेबंदी के जरिए, ईरान को समझौते के लिए राजी किया जा सकता है। कुल मिलाकर, भले ही यह वार्ता सफल नहीं रही, लेकिन इसने दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खुला रखा है और आने वाले समय में किसी बड़े समझौते की संभावना को जिंदा रखा है।

 

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