Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 25 May, 2025 08:49 PM

दुनिया भर में पॉपुलर मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार वियतनाम सरकार ने टेलीग्राम पर कड़ा रुख अपनाया है और जल्द ही इस ऐप पर देश में पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए जाने की तैयारी की जा रही है।
इंटरनेशलन डेस्क: दुनिया भर में पॉपुलर मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार वियतनाम सरकार ने टेलीग्राम पर कड़ा रुख अपनाया है और जल्द ही इस ऐप पर देश में पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि टेलीग्राम देश की साइबर सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक वियतनाम सरकार का आरोप है कि टेलीग्राम देश में अवैध कंटेंट के प्रसार का जरिया बन गया है। देश के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि टेलीग्राम पर मौजूद कई ग्रुप्स ऐसे कंटेंट से भरे हैं जो कि सरकार विरोधी गतिविधियों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध डाटा कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं।
सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?
वियतनाम सरकार का कहना है कि टेलीग्राम न तो देश के नियमों का पालन कर रहा है और न ही उसने कोई स्थानीय आधिकारिक उपस्थिति दर्ज करवाई है। यह वियतनाम के साइबर कानून का उल्लंघन है। सरकार पहले ही टेलीग्राम को निर्देश दे चुकी थी कि वह अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण करे और कंटेंट की मॉनिटरिंग करे लेकिन कंपनी की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी गई। वियतनाम की सरकार ने देश के इंटरनेट और टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को टेलीग्राम की सेवाएं बंद करने के निर्देश दे दिए हैं। फिलहाल इस फैसले को लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। यह कदम देश की सत्तारूढ़ एकदलीय सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत डिजिटल स्पेस पर नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है।
क्या टेलीग्राम अकेला निशाने पर है?
गौर करने वाली बात यह है कि टेलीग्राम से पहले भी वियतनाम ने कई विदेशी सोशल मीडिया कंपनियों पर दबाव बनाया है। साल 2023 में वियतनाम ने नए नियम लागू किए थे जिनके तहत सभी विदेशी सोशल मीडिया कंपनियों को अपने यूज़र्स की पहचान सत्यापित करनी थी और ज़रूरत पड़ने पर यह जानकारी सरकार को साझा करनी थी। फेसबुक और यूट्यूब जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स फिलहाल इन शर्तों को मानते हुए काम कर रहे हैं लेकिन टेलीग्राम अब भी सरकार के साथ सहयोग करने को तैयार नहीं है।
इस पूरे मामले पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां सरकार का मानना है कि टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती जरूरी है ताकि देश की सुरक्षा और डिजिटल कानून व्यवस्था को बनाए रखा जा सके, वहीं आलोचकों का कहना है कि यह कदम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। वियतनाम में पहले भी कई पत्रकारों और ब्लॉगरों को सरकार विरोधी पोस्ट करने पर गिरफ्तार किया जा चुका है। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती सख्ती को लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध माना जा रहा है।
टेलीग्राम का भविष्य क्या होगा?
सरकार की मंशा साफ है जो कंपनियां उसके नियम नहीं मानेंगी, उन्हें देश में सेवाएं देने की अनुमति नहीं मिलेगी। ऐसे में टेलीग्राम के लिए वियतनाम में आगे का रास्ता मुश्किल दिखाई दे रहा है। जब तक कंपनी सरकार के साथ सहयोग नहीं करती और स्थानीय नियमों का पालन नहीं करती, तब तक इस ऐप का बैन लगभग तय माना जा रहा है।