Edited By Pardeep,Updated: 30 Mar, 2026 09:56 PM

ईरान-इजराइल युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अमेरिका को उसके करीबी सहयोगी देशों से ही झटका मिला है, जहां ब्रिटेन और स्पेन ने इस युद्ध में सीधे सहयोग देने से इनकार कर दिया है।
इंटरनेशनल डेस्कः ईरान-इजराइल युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अमेरिका को उसके करीबी सहयोगी देशों से ही झटका मिला है, जहां ब्रिटेन और स्पेन ने इस युद्ध में सीधे सहयोग देने से इनकार कर दिया है।
ब्रिटेन ने सेना भेजने से किया इनकार
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ कहा कि उनका देश ईरान में सेना नहीं भेजेगा। उन्होंने कहा: “यह हमारी लड़ाई नहीं है, हम इसमें शामिल नहीं होंगे।” यूके की भूमिका केवल रक्षात्मक रहेगी। ब्रिटिश नागरिकों, हितों और सहयोगियों की सुरक्षा ही प्राथमिकता है। स्टार्मर ने यह भी कहा कि ब्रिटेन होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयास जारी रखेगा, लेकिन इस युद्ध में घसीटे जाने से बचेगा। हालांकि, ब्रिटेन ने अमेरिका को ईरानी ठिकानों पर हमलों के लिए अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है।
स्पेन ने भी दिया बड़ा झटका
स्पेन ने भी अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल से इनकार कर दिया है।
स्पेन ने साफ किया कि उसके रोटा और मोरोन एयरबेस का इस्तेमाल लड़ाई या रिफ्यूलिंग के लिए नहीं होगा। युद्ध में शामिल किसी भी फ्लाइट को एयरस्पेस की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस फैसले के बाद अमेरिका ने स्पेन के मोरोन एयरबेस पर B-52 और B-1 बॉम्बर तैनात करने की योजना भी छोड़ दी।
इंटरनेशनल कानून का हवाला
स्पेन के अर्थव्यवस्था मंत्री ने कहा कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन न करने के उद्देश्य से लिया गया है।
क्या फंस गए ट्रंप?
करीबी सहयोगी देशों के इस रुख से साफ संकेत मिल रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप को ईरान युद्ध में अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है, जिससे अमेरिका की रणनीति पर असर पड़ सकता है।