Edited By Pardeep,Updated: 22 Mar, 2026 06:18 AM

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच रॉयल नेवी की परमाणु ऊर्जा से संचालित पनडुब्बी HMS Anson अरब सागर में पहुंच गई है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह तैनाती क्षेत्र में संभावित सैन्य कार्रवाई की क्षमता को और मजबूत करती है।
इंटरनेशनल डेस्कः मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच रॉयल नेवी की परमाणु ऊर्जा से संचालित पनडुब्बी HMS Anson अरब सागर में पहुंच गई है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह तैनाती क्षेत्र में संभावित सैन्य कार्रवाई की क्षमता को और मजबूत करती है।
लंबी दूरी के घातक हथियारों से लैस
HMS Anson टॉमहॉक ब्लॉक IV क्रूज मिसाइलों से लैस है, जिनकी मारक क्षमता करीब 1000 मील तक है। इसके अलावा इसमें स्पीयरफिश टॉरपीडो भी मौजूद हैं, जो समुद्री युद्ध में बेहद घातक माने जाते हैं।
ऑस्ट्रेलिया से अरब सागर तक 5500 मील का सफर
यह पनडुब्बी 6 मार्च को Perth से रवाना हुई थी और करीब 5500 मील का सफर तय कर उत्तरी अरब सागर के गहरे पानी में अपनी स्थिति ले चुकी है।
ब्रिटेन ने बढ़ाया सैन्य दायरा
डाउनिंग स्ट्रीट की ओर से हाल ही में संकेत दिया गया कि कीर स्टार्मर ने अमेरिका को ब्रिटिश बेस का इस्तेमाल कर ईरान के ठिकानों पर हमले की अनुमति दी है। पहले यह अनुमति केवल रक्षात्मक अभियानों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे “सामूहिक आत्मरक्षा” के तहत बढ़ा दिया गया है।
हमले का आदेश कैसे होगा?
लंदन स्थित Permanent Joint Headquarters (PJHQ) से लेफ्टिनेंट जनरल Nick Perry प्रधानमंत्री की मंजूरी के बाद हमले का आदेश दे सकते हैं। इसके बाद पनडुब्बी सतह के करीब आकर मिसाइल दाग सकती है।
हाईटेक और बेहद गोपनीय मिशन
स्कॉटलैंड के Faslane बेस पर तैनात यह अत्याधुनिक पनडुब्बी बिना ईंधन भरे 25 साल तक चल सकती है। यह हवा और पानी को खुद शुद्ध कर सकती है, जिससे लंबे समय तक समुद्र में रहना संभव होता है। हालांकि, इसकी सटीक लोकेशन बेहद गोपनीय रखी जाती है और इसे हफ्तों तक एक ही जगह पर छिपाकर रखा जा सकता है।
बढ़ते तनाव के बीच बड़ा संकेत
इस तैनाती को क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार किया है।