Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Jun, 2026 03:09 PM

दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित एक फेमस होटल में बुधवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें झुलसकर कम से कम 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जिनमें ज्यादातर विदेशी नागरिक थे, इस हादसे में कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है...
नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित एक फेमस होटल में बुधवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें झुलसकर कम से कम 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जिनमें ज्यादातर विदेशी नागरिक थे, इस हादसे में कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि दिल्ली सरकार से इस प्रॉपर्टी को सिर्फ 6 कमरे चलाने का लाइसेंस मिला था, लेकिन लालच में यहां अवैध रूप से 25 कमरे खड़े कर दिए गए। बिना फायर NOC और सुरक्षा इंतजामों के चल रहा यह होटल चंद मिनटों में मासूमों के लिए 'मौत का कुआं' बन गया।
जिस समय यह आग लगी, उस वक्त तंग गली में बनी इस इमारत के अंदर 40 से अधिक लोग मौजूद थे। घायलों को इलाज के लिए एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर और साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। शुरूआती जानकारी से पता चला है कि फ्लोरिश स्टे नामक संपत्ति में अनियमितताओं और सुरक्षा उल्लंघनों का एक जाल बिछा हुआ था, जिसने होटल को पीड़ितों के लिए मौत का जाल बना दिया था।
दिल्ली सरकार की 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' (B&B) नीति के तहत इस प्रॉपर्टी को केवल 6 कमरे चलाने का लाइसेंस मिला था, लेकिन, नियमों को ताक पर रखकर यहां बेसमेंट समेत कुल 25 कमरे बना दिए गए। कमर्शियल इस्तेमाल के लिए सबसे जरूरी 'फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (Fire NOC) इस प्रतिष्ठान के पास नहीं था। बिना किसी फायर सेफ्टी क्लीयरेंस के यह होटल धड़ल्ले से चल रहा था।
8 दमकल गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, सुबह करीब 8:48 बजे मालवीय नगर के इस होटल में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत रेस्क्यू व इवेकुएशन (बचाव और राहत) का काम शुरू किया। दमकल की 8 गाड़ियों को काम पर लगाया गया, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस, फायर सर्विस और आपातकालीन टीमों के आपसी तालमेल से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।