Edited By Tanuja,Updated: 28 Mar, 2026 06:30 PM

ईरान युद्ध के बीच Donald Trump के लगातार बदलते और विरोधाभासी बयानों से अमेरिका और दुनिया में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। एक ओर वह जीत का दावा करते हैं, दूसरी ओर धमकी और बातचीत की बात भी करते हैं, जिससे रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।
Washington: ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के लगातार बदलते और विरोधाभासी बयानों ने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप एक ओर दावा कर रहे हैं कि अमेरिका युद्ध जीत रहा है, जबकि दूसरी ओर हजारों अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों को मिडिल ईस्ट में भेजा जा रहा है। उन्होंने कभी सहयोगी देशों को मदद न करने के लिए आलोचना की, तो कभी कहा कि अमेरिका को किसी की जरूरत नहीं है। इसी तरह, उन्होंने ईरान को धमकी दी कि वह उसके ऊर्जा ढांचे को “तबाह” कर देंगे, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अमेरिका पर इसका असर नहीं पड़ रहा है।
विशेषज्ञों और पूर्व अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के विरोधाभासी बयान युद्ध के समय स्थिति को और जटिल बना देते हैं। पूर्व रक्षा मंत्री लियोन पैनेटा ने कहा कि युद्ध के दौरान “सच सबसे पहले शिकार होता है” और नेतृत्व की स्पष्टता बेहद जरूरी होती है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, ट्रंप की यह “ज़िग-ज़ैग” रणनीति जानबूझकर भी हो सकती है, जिससे विरोधियों को भ्रमित किया जा सके।
लेकिन आलोचकों का कहना है कि इससे सहयोगी देशों और निवेशकों में अस्थिरता बढ़ रही है। इसका असर आर्थिक मोर्चे पर भी दिखा है, जहां अमेरिकी शेयर बाजार ने युद्ध शुरू होने के बाद सबसे खराब सप्ताह दर्ज किया। अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में भी चिंता बढ़ रही है। कई नेताओं ने कहा है कि सरकार स्पष्ट रणनीति पेश नहीं कर रही और युद्ध की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि, व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप की रणनीति सफल है और ईरान पर दबाव बनाया जा रहा है, ताकि वह बातचीत के लिए मजबूर हो सके।
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