चीन में उइगरों पर अत्याचारों को लेकर टेंशन में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञ

Edited By Updated: 31 Mar, 2021 02:20 PM

un experts call for unhindered access for fact finding mission in xinjiang

संयुक्त राष्ट्र ने चीन पर मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चीन के शिनजियांग में उइगर ...

इंटरनेशनल डेस्कः संयुक्त राष्ट्र ने चीन पर मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए हैं।  संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चीन के शिनजियांग में उइगर को बंदी  बनाने और जबरन श्रम के  मामलों को लेकर  गंभीर चिंता व्यक्त की है। मानवाधिकार परिषद द्वारा नियुक्त कई विशेषज्ञों ने  कहा  है कि चीन के शिनजियांग  में मानवा प्राधिकरण की स्थिति की 'स्वतंत्र और व्यापक' समीक्षा किए जाने की जरूरत है और वे इसके लिए तथ्य जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीन में श्रमिकों, वकीलों और मानवाधिकार के रक्षकों पर झूठे मामले चलाकर उन्हें बंदी बनाया जा रहा है। 

 

मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा कि उन्हें  150 घरेलू चीनी और विदेशी अधिवासित कंपनियों से जुड़े उइगर श्रमिकों के खिलाफ मानवाधिकारों के हनन के गंभीर आरोपों की  जानकारी मिली थी । बिजनेस एंड ह्यूमन राइट्स पर कार्य समूह ने कहा  कि वे ये मामले सामने आने के बाद गंभीर चिंतित हैं इसकी पूरी जानकारी जुटाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि “हम जल्द से जल्द इस मुद्दे पर चीन सरकार के साथ बात करने के लिए तैयार हैं । 

 

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी एक रिपोर्ट में  कहा था कि 10 लाख उइगर व अन्य मुसलमानों को चीन ने शिनजियांग में बंधक बना रखा है। सूत्रों के अनुसार उइगर श्रमिकों को जबरन श्रम के लिए मजबूर किया जा रहा है। चीन पर  आरोप  हैं कि वह शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार के साथ ही नरसंहार कर रहा है। उनकी पहचान मिटाने के लिए सुनियोजित तरीके से काम कर रहा है और घटते जन्मदर के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। उइगरों को प्रताड़ित करने के लिए चीन ने कई डिटेंशन कैंप बना रखे हैं, जिसमें उन्हें तरह-तरह की यातनाएं दी जाती हैं। दुनियाभर के देश चीन द्वारा किए जा रहे मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर उसकी आलोचना कर चुके हैं। 

 

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!