Edited By Tanuja,Updated: 28 Feb, 2026 07:45 PM

इज़राइल-अमेरिका-ईरान के बीच अफगानिस्तान–पाकिस्तान संघर्ष खतरनाक मोड़ पर है। Jalalabad में पाकिस्तानी लड़ाकू विमान के क्रैश और पायलट के पकड़े जाने का दावा। इस्लामाबाद ने कड़ा रुख अपनाया, जबकि काबुल ने तुर्किये, कतर, सऊदी से कूटनीतिक संपर्क बढ़ाया।...
International Desk: शनिवार सुबह इज़राइल-अमेरिका-ईरान के बीच पूर्वी अफगानिस्तान के रणनीतिक शहर Jalalabad में एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर से सनसनी फैल गई। समाचार एजेंसी Agence France-Presse (AFP) के हवाले से अफगान सैन्य व पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि पायलट को जीवित पकड़कर बंदी बना लिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हवाई अड्डे के पास दो जोरदार विस्फोट हुए। धमाकों से पहले आसमान में जेट की आवाज गूंजी और कुछ ही देर बाद क्रैश की सूचना आई।
जलालाबाद, नंगरहार प्रांत की राजधानी, काबुल और पाक सीमा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित अहम केंद्र है—यहां की घटना सीधे सैन्य पहुंच और कड़े प्रतिरोध का संकेत मानी जा रही है। पाकिस्तान के राज्य मंत्री Talal Chaudhry ने टीवी कार्यक्रम में कहा कि जब तक तालिबान “गुरिल्ला मानसिकता” नहीं छोड़ता, नीति नहीं बदलेगी। उन्होंने कहा, “यह युद्ध जीता जाएगा… जरूरत पड़ी तो कठोर दृष्टिकोण अपनाकर इसे समाप्त करेंगे।” अफगान विदेश मंत्रालय के अधिकारी Zakir Jalali ने बताया कि सैन्य कार्रवाई के साथ सक्रिय कूटनीति भी जारी है। काबुल ने Turkey, Qatar और Saudi Arabia के विदेश मंत्रियों से परामर्श किया है।
तालिबान प्रशासन का कहना है कि उनकी कार्रवाई “रक्षात्मक” है और पाकिस्तानी घुसपैठ के जवाब में की गई है। शुक्रवार को तालिबान वायुसेना द्वारा इस्लामाबाद के करीब हमलों के बाद शनिवार का यह क्रैश तनाव को और बढ़ा गया। पायलट के पकड़े जाने का दावा पाकिस्तान के लिए सैन्य व कूटनीतिक झटका माना जा रहा है।
दोनों देशों के बीच संवाद लगभग ठप है। सीमाई झड़पें अब व्यापक सैन्य टकराव का रूप लेती दिख रही हैं। जलालाबाद व आसपास के इलाकों में नागरिकों में दहशत है और कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।