Potato Protest: इस देश में कभी 'Ban' था आलू! नफरत और डर की नजर से देखते थे लोग, वजह कर देगी हैरान!

Edited By Updated: 22 Feb, 2026 12:49 PM

when people protested against potato the reason was shocking

आज के दौर में आलू के बिना 'फ्रेंच फ्राइज' या वैश्विक खान-पान की कल्पना करना असंभव है लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया को बेहतरीन डिशेज देने वाले फ्रांस में एक समय आलू उगाने पर कानूनी पाबंदी थी? 1748 से 1772 के बीच फ्रांस के लोग आलू को नफरत और डर की...

Potato Ban History France : आज के दौर में आलू के बिना 'फ्रेंच फ्राइज' या वैश्विक खान-पान की कल्पना करना असंभव है लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया को बेहतरीन डिशेज देने वाले फ्रांस में एक समय आलू उगाने पर कानूनी पाबंदी थी? 1748 से 1772 के बीच फ्रांस के लोग आलू को नफरत और डर की नजर से देखते थे।

आलू से क्यों डरता था फ्रांस?

16वीं सदी में जब आलू अमेरिका से यूरोप पहुंचा तो फ्रांस के लोगों ने इसे अपनाने से इनकार कर दिया। इसके पीछे कई अजीबोगरीब तर्क और अंधविश्वास थे। 18वीं सदी के फ्रांस में लोगों का मानना था कि आलू खाने से कोढ़ (Leprosy) जैसी खतरनाक बीमारी होती है। चूंकि यह जमीन के नीचे उगता था, इसलिए इसे गंदगी से जोड़कर देखा गया। पादरियों का तर्क था कि बाइबिल में आलू का कोई जिक्र नहीं है इसलिए यह ईसाइयों के खाने योग्य नहीं है। जमीन के नीचे उगने के कारण इसे शैतान का खाना माना गया। लोग इसे सिर्फ सुअरों और जानवरों को खिलाना ही ठीक समझते थे।

PunjabKesari

जब अकाल के बीच भी आलू पर लगा Ban

फ्रांसीसी अधिकारियों ने जनता के डर को देखते हुए 1748 में आलू की खेती पर आधिकारिक प्रतिबंध लगा दिया। हैरानी की बात यह है कि उस दौर में यूरोप अक्सर भीषण अकाल और भुखमरी का सामना कर रहा था फिर भी एक पौष्टिक फसल को असुरक्षित मानकर ठुकरा दिया गया।

PunjabKesari

वह दिमाग जिसने बदल दिया इतिहास

फ्रांस की सोच बदलने का श्रेय एंटोनी ऑगस्टिन पारमेंटियर (Antoine-Augustin Parmentier) नाम के एक फार्मासिस्ट को जाता है। उन्होंने अकाल दूर करने के लिए आलू की ताकत को पहचाना लेकिन उन्होंने भाषण देने के बजाय मनोविज्ञान (Psychology) का सहारा लिया। उन्होंने आलू के खेत लगवाए और दिन के समय वहां शाही सैनिकों को तैनात कर दिया। इससे लोगों को लगा कि आलू कोई बहुत कीमती चीज है जिसकी रखवाली राजा कर रहा है। रात में उन्होंने जानबूझकर पहरा हटा दिया। उत्सुक ग्रामीणों ने कीमती समझकर आलू चुराना शुरू किया और अपने घरों में उगाया। धीरे-धीरे लोगों को पता चला कि आलू न केवल सुरक्षित है बल्कि स्वादिष्ट और पेट भरने वाला भी है।

PunjabKesari

आज की हकीकत

पारमेंटियर की उस चतुराई ने फ्रांस को भुखमरी से बचाया। आज फ्रांस अपने 'ग्रिटेन', 'मैश पोटैटो' और 'फ्रेंच फ्राइज' के लिए दुनिया भर में मशहूर है। जिस फसल को कभी शैतान का बताया गया था वही आज फ्रांस की रसोई की शान है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!