Robotic Pregnancy! इस देश की चौंकाने वाली टेक्नोलॉजी! अब रोबोट करेंगे बच्चे पैदा, आर्टिफिशियल गर्भ में पालेगा भ्रूण

Edited By Updated: 18 Aug, 2025 10:46 AM

will robots also become mothers now pregnancy robot is being made in china

विज्ञान और टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब जल्द ही एक ऐसा समय आ सकता है जब रोबोट भी इंसान की तरह गर्भधारण कर सकेंगे और बच्चों को जन्म दे सकेंगे। चीन के वैज्ञानिक एक ऐसे ह्यूमनॉइड प्रेग्नेंसी रोबोट पर काम कर रहे हैं जो...

इंटरनेशनल डेस्क। विज्ञान और टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब जल्द ही एक ऐसा समय आ सकता है जब रोबोट भी इंसान की तरह गर्भधारण कर सकेंगे और बच्चों को जन्म दे सकेंगे। चीन के वैज्ञानिक एक ऐसे ह्यूमनॉइड प्रेग्नेंसी रोबोट पर काम कर रहे हैं जो आर्टिफिशियल गर्भाशय की मदद से भ्रूण को पूरा जन्मकाल देगा।

PunjabKesari

कैसे काम करेगा यह अनोखा रोबोट?

यह प्रोजेक्ट सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के डॉ. झांग क़ीफ़ेंग के नेतृत्व में चल रहा है। इस ह्यूमनॉइड रोबोट के पेट के अंदर एक कृत्रिम गर्भाशय लगाया जाएगा। इस गर्भाशय में आर्टिफिशियल एम्नियोटिक फ्लूइड भरा होगा जो बच्चे के विकास के लिए बिलकुल इंसानी गर्भ जैसा माहौल देगा। बच्चे को पोषण एक खास ट्यूब के जरिए मिलेगा ठीक वैसे ही जैसे प्राकृतिक गर्भ में प्लेसेंटा देता है।

PunjabKesari

डॉ. झांग के मुताबिक यह कोई नया प्रयोग नहीं है। कुछ साल पहले वैज्ञानिकों ने 'बायोबैग' नाम के एक आर्टिफिशियल गर्भ में एक प्रीमैच्योर भेड़ के बच्चे को सफलतापूर्वक पाला था। अब उनकी टीम उसी तकनीक को इंसान जैसे रोबोट तक ले जा रही है।

यह भी पढ़ें: The World's First Train: कहां दौड़ी थी दुनिया की पहली छुक-छुक ट्रेन, कौन सा था पहला स्टेशन? जानें सब कुछ

PunjabKesari

अगले साल तक आ सकता है प्रोटोटाइप

रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रेग्नेंसी रोबोट का पहला प्रोटोटाइप अगले साल तक तैयार हो सकता है और इसकी अनुमानित लागत 1 लाख युआन (लगभग 12.96 लाख रुपये) होगी।

इस क्रांतिकारी खोज से कई नैतिक और सामाजिक सवाल भी खड़े हो रहे हैं। क्या समाज रोबोट से जन्मे बच्चों को स्वीकार करेगा? क्या उन्हें कानूनी रूप से इंसानों जैसा दर्जा दिया जाएगा? इस मुद्दे पर चीन की गुआंगदोंग प्रांत की सरकार के साथ बातचीत भी शुरू हो चुकी है ताकि इसके लिए कानूनी ढांचा तैयार किया जा सके।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!