Edited By Tanuja,Updated: 09 Apr, 2026 07:03 PM

चीन ने अमेरिका-इज़राइल और ईरान युद्ध के दौरान ईरान की सैन्य मदद के आरोपों को खारिज कर दिया है। बीजिंग ने कहा कि वह निष्पक्ष रुख रखता है और शांति वार्ता का समर्थक है। साथ ही अमेरिका पर परोक्ष हमला करते हुए युद्ध भड़काने के आरोप लगाए।
International Desk: अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के दौरान चीन पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर बीजिंग ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने ईरान की सैन्य मदद नहीं की और इस तरह की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Zhang Xiaogang ने इन आरोपों को “अटकलबाजी और गलत जानकारी” बताया। उन्होंने कहा कि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चीनी कंपनियों ने ईरान को सैटेलाइट इमेज और सेमीकंडक्टर तकनीक दी, लेकिन यह सच नहीं है।
इन रिपोर्ट्स में Semiconductor Manufacturing International Corporation (SMIC) का नाम भी सामने आया था, जिस पर ईरान को चिप निर्माण उपकरण देने का आरोप था। इसके अलावा एक चीनी सैटेलाइट कंपनी पर भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों की तस्वीरें साझा करने का आरोप लगाया गया था। चीन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह हमेशा से ईरान मुद्दे पर निष्पक्ष और संतुलित रुख अपनाता आया है। बीजिंग का कहना है कि उसने हमेशा शांति वार्ता को बढ़ावा दिया है और कभी भी संघर्ष को बढ़ाने का काम नहीं किया।
हालांकि, चीन ने इस बयान के जरिए अमेरिका पर भी निशाना साधा। बिना नाम लिए उसने कहा कि दुनिया देख रही है कि कौन देश एक बात कहता है और दूसरी करता है, और कौन वैश्विक स्तर पर युद्ध और संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है। चीन का यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।