Edited By Tanuja,Updated: 01 Jul, 2026 07:49 PM

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने एक सप्ताह में दूसरी बार रूस की उफा तेल रिफाइनरी और पेंजा क्षेत्र के मिसाइल पुर्ज़े बनाने वाले संयंत्र पर हमला किया। रूस ने इसकी पुष्टि नहीं की, लेकिन 179 यूक्रेनी ड्रोन मार...
International Desk: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेनी सेना ने एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार रूस की उफा (Ufa) तेल रिफाइनरी पर सफल हमला किया है। इसके साथ ही रूस के पेंजा (Penza) क्षेत्र में स्थित एक ऐसे संयंत्र को भी निशाना बनाया गया, जहां मिसाइलों के पुर्ज़े बनाए जाते हैं। ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि उफा रिफाइनरी, जो रूस में स्नेहक (Lubricants) बनाने वाली सबसे बड़ी इकाइयों में से एक है, यूक्रेन की सीमा से 1,000 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है। उन्होंने दावा किया कि यह हमला रूस की ऊर्जा आपूर्ति और सैन्य रसद को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार, मॉस्को के दक्षिण-पूर्व में स्थित पेंजा क्षेत्र के एक कारखाने पर भी हमला किया गया, जहां मिसाइलों के महत्वपूर्ण पुर्ज़ों का उत्पादन होता है।
रूस ने उफा रिफाइनरी या पेंजा संयंत्र पर हमले की पुष्टि नहीं की।हालांकि, रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 16 रूसी क्षेत्रों के ऊपर 179 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।पेंजा के गवर्नर ओलेग मेल्निचेंको ने केवल इतना कहा कि ड्रोन के मलबे से एक बिजली लाइन और निर्माणाधीन इमारत को नुकसान पहुंचा। पिछले कई महीनों से यूक्रेन अपने स्वदेशी ड्रोन और लंबी दूरी के हथियारों से रूस की तेल रिफाइनरियों, ईंधन भंडारण केंद्रों, पाइपलाइन पंपिंग स्टेशनों, और सैन्य आपूर्ति मार्गों को लगातार निशाना बना रहा है।
यूक्रेन का दावा है कि इन हमलों के कारण रूस के कई हिस्सों में ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है और सेना की रसद पर दबाव बढ़ा है। यूक्रेन के रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने कहा कि इन हमलों से रूस के लिए अग्रिम मोर्चे तक सैनिकों और रसद पहुंचाना अधिक कठिन हो गया है। कीव पहुंचे स्वीडन के रक्षा मंत्री पॉल जॉनसन ने कहा कि यूक्रेन अब पूरे यूरोप की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दोनों देशों के बीच Gripen लड़ाकू विमानों से जुड़े सहयोग पर भी सहमति बनी है। यूक्रेन का कहना है कि ये विमान रूस के ग्लाइड बम हमलों का मुकाबला करने में मदद करेंगे।