Edited By Anu Malhotra,Updated: 20 May, 2026 11:07 AM

4-Day Work Week: भारत में नए Labour Rules के तहत कर्मचारियों को अब हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी मिलने का विकल्प मिल सकता है। सरकार द्वारा notified किए गए Code on Wages (Central) Rules के अनुसार कंपनियां चाहें तो कर्मचारियों के साथ आपसी सहमति से 4-day...
4-Day Work Week: भारत में नए Labour Rules के तहत कर्मचारियों को अब हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी मिलने का विकल्प मिल सकता है। सरकार द्वारा notified किए गए Code on Wages (Central) Rules के अनुसार कंपनियां चाहें तो कर्मचारियों के साथ आपसी सहमति से 4-day work week लागू कर सकती हैं। हालांकि, कुल साप्ताहिक काम के घंटे 48 घंटे से ज्यादा नहीं होंगे।
कैसे मिलेगा 3 दिन का Weekly Off?
नए नियमों के मुताबिक अगर कोई कंपनी 4-day work model अपनाती है, तो कर्मचारियों को सिर्फ 4 दिन ऑफिस आना होगा और बाकी 3 दिन छुट्टी मिल सकती है। लेकिन इसके बदले रोजाना काम के घंटे बढ़ सकते हैं। कर्मचारियों को लगभग 12 घंटे तक की शिफ्ट करनी पड़ सकती है, जिसमें break और rest time भी शामिल रहेगा।
क्या 4-Day Work Week सभी कंपनियों के लिए जरूरी है?
नहीं। यह नियम पूरी तरह optional है। यानी किसी भी कंपनी पर 4-day work week लागू करना अनिवार्य नहीं होगा। Labour experts का कहना है कि यह सुविधा सिर्फ flexibility देने के लिए लाई गई है। कंपनी और कर्मचारी दोनों की सहमति होने पर ही यह व्यवस्था लागू हो सकती है।
किन शर्तों का पालन जरूरी होगा?
नई व्यवस्था लागू करने के लिए कुछ अहम नियम तय किए गए हैं:
-कर्मचारी की सहमति जरूरी होगी
-कंपनी जबरदस्ती यह नियम लागू नहीं कर सकती
-कुल working hours 48 घंटे प्रति सप्ताह से ज्यादा नहीं होंगे
-तय समय से ज्यादा काम कराने पर overtime देना होगा
-overtime का भुगतान सामान्य वेतन से दोगुना करना पड़ेगा
Overtime Rules में क्या बदलाव?
विशेषज्ञों के अनुसार नए Occupational Safety, Health and Working Conditions Rules में daily overtime limit तय करने के बजाय weekly working hours पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। इससे कंपनियों को shift planning में flexibility मिलेगी, लेकिन overtime payment के नियम लागू रहेंगे।
किन सेक्टर्स में आसानी से लागू हो सकता है 4-Day Work Week?
कुछ sectors में यह मॉडल ज्यादा सफल माना जा रहा है, जैसे:
IT Sector
IT-enabled Services
Global Capability Centres (GCCs)
Marketing Industry
Designing और Creative Work
Knowledge-based Companies
इन क्षेत्रों में काम largely digital और flexible nature का होता है, इसलिए compressed work schedule अपनाना आसान हो सकता है।
किन सेक्टर्स के लिए मुश्किल हो सकता है?
कुछ industries में 4-day work week लागू करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वहां लगातार manpower की जरूरत रहती है। जैसे:
Healthcare और Hospitals
Hospitality Industry
Retail Sector
Transportation
Logistics
Manufacturing Units
इन क्षेत्रों में लगातार services और shift management जरूरी होता है।