Edited By Sahil Kumar,Updated: 12 May, 2026 08:12 PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच राहत की खबर आई है। आज घरेलू LPG गैस सिलेंडर (14.2 Kg) के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, कमर्शियल गैस अब भी महंगी है, जिससे होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट चलाने वालों को बोझ उठाना पड़ रहा है। कई शहरों में...
नेशनल डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच राहत की खबर आई है। आज घरेलू LPG गैस सिलेंडर (14.2 Kg) के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, कमर्शियल गैस अब भी महंगी है, जिससे होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट चलाने वालों को बोझ उठाना पड़ रहा है। कई शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें ₹3,000 से ऊपर जा चुकी हैं। गैस सप्लाई को संतुलित बनाए रखने के लिए सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। पहले शहरों में दूसरा सिलेंडर 21 दिन के बाद बुक किया जाता था, जो अब 25 दिन से पहले बुक नहीं किया जा सकेगा। ग्रामीण इलाकों में यह अवधि 45 दिन है।
घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम
देशभर के शहरों में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम अलग-अलग हैं।
दिल्लीः
घरेलू सिलेंडर- ₹913
कमर्शियल सिलेंडर- ₹3,071.50
मुंबईः
घरेलू गैस- ₹912.50
कमर्शियल गैस- ₹3,024
कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3,200 के पार पहुंच चुकी है।
पटनाः
घरेलू सिलेंडर- ₹1,002.50
कमर्शियल सिलेंडर- ₹3,346.50
घरेलू गैस के दामों में बढ़ोतरी
7 मार्च को घरेलू गैस के दामों में ₹60 की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद से रेट स्थिर हैं। 5Kg वाले छोटे सिलेंडर की बात करें तो इसकी कीमत पहले ₹549 थी, जो अब बढ़कर ₹810.50 हो गई है।
PM मोदी ने लोगों से की अपील
इस संकट के बीच PM मोदी ने तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की है कि पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए ताकि देश पर ज्यादा आर्थिक बोझ ना पडें और विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।
नए नियम
गैस सप्लाई को संतुलित बनाए रखने के लिए सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। पहले शहरों में दूसरा सिलेंडर 21 दिन के बाद बुक किया जाता था, जो अब 25 दिन से पहले बुक नहीं किया जा सकेगा। ग्रामीण इलाकों में यह अवधि 45 दिन है। गैस महंगी होने और भविष्य में कीमतें बढ़ने की आशंका के कारण कई जगहों पर लोगों ने पहले से ही अतिरिक्त बुकिंग शुरू कर दी है। इसी वजह से अब नए सिलेंडर की डिलीवरी में 3 से 5 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
गैस सप्लाई के लिए प्राथमिकता
सरकार ने अस्पतालों, स्कूलों और जरूरी उद्योगों जैसे दवा, स्टील, ऑटोमोबाइल और कृषि क्षेत्र को गैस सप्लाई के लिए प्राथमिकता प्रदान की है। इसके साथ-साथ सरकार ने पाइप से मिलने वाली PNG गैस का नेटवर्क भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है ताकि लोगों की एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके।