Edited By Mansa Devi,Updated: 13 Feb, 2026 11:34 AM

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। गंगापुर थाना क्षेत्र के आलोली गांव में चार लोगों की उस समय मौत हो गई, जब उन्होंने गलती से सफाई में इस्तेमाल होने वाला तेजाब या फ्यूल जैसा तरल पदार्थ शराब समझकर पी लिया।
नेशनल डेस्क: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। गंगापुर थाना क्षेत्र के आलोली गांव में चार लोगों की उस समय मौत हो गई, जब उन्होंने गलती से सफाई में इस्तेमाल होने वाला तेजाब या फ्यूल जैसा तरल पदार्थ शराब समझकर पी लिया। मरने वालों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं।
शादी समारोह में काम करने गए थे
पुलिस के अनुसार, गांव के कुछ लोगों ने तीन दिन पहले इलाके में आयोजित एक शादी समारोह में बर्तन साफ करने का काम ठेके पर लिया था। समारोह के बाद वे लोग बर्तन धोने और सफाई में उपयोग होने वाला तरल पदार्थ अपने साथ घर ले आए। बताया जा रहा है कि यह तरल पदार्थ खाना गर्म करने में इस्तेमाल होने वाला फ्यूल था।
देर रात बिगड़ी तबीयत
गुरुवार देर रात घर पर मौजूद चारों लोगों ने उस तरल को शराब समझकर पी लिया। कुछ ही देर में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उल्टी, पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद परिजन उन्हें तुरंत गंगापुर के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में तोड़ा दम
अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। एक युवक की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह कुल चार लोगों ने जान गंवा दी।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान रतन पुत्र मसरिया कंजर निवासी माधोपुर, सुशीला देवी, जमनी देवी पत्नी शंकर कंजर और बदामी देवी कंजर के रूप में हुई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
प्रशासन में हड़कंप
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि 9 और 10 जनवरी को आलोली गांव में शादी समारोह आयोजित हुआ था, जहां से यह फ्यूल लाया गया था।
हर पहलू से जांच
पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि तरल पदार्थ कहां से खरीदा गया और उसे किस उद्देश्य से रखा गया था। जिस दुकान से यह सामग्री ली गई थी, वहां भी जांच की जा रही है। आबकारी विभाग को भी मामले की सूचना दी गई है।